अब 5 साल का इंतजार जरूरी नहीं! जानें नए लेबर कोड में किसे मिलेगा 1 साल में ग्रेच्युटी

New Labour Code: 2026 के नए लेबर कोड के तहत फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को अब महज 1 साल में ग्रेच्युटी मिलेगी. साथ ही, वेतन के नए स्ट्रक्चर (50% बेसिक नियम) के कारण सभी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी राशि में 20-50% की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है.

By Abhishek Pandey | April 13, 2026 1:13 PM

New Labour Code: भारत में नौकरीपेशा लोगों के लिए ‘ग्रेच्युटी’ अब सिर्फ एक रिटायरमेंट बेनिफिट नहीं रह गया है. 21 नवंबर 2025 से प्रभावी होने वाले नए लेबर कोड ने दशकों पुराने नियमों को बदल दिया है. अब आपकी नौकरी का ‘टाइप’ और आपके सैलरी का ‘स्ट्रक्चर’ यह तय करेगा कि आपकी जेब में कितना पैसा आएगा.

सबसे बड़ा बदलाव: 5 साल बनाम 1 साल

अब तक ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की निरंतर सेवा अनिवार्य थी, लेकिन अब नियमों को दो हिस्सों में बांट दिया गया है:

  • फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी (कॉन्ट्रैक्ट): अगर आप एक फिक्स्ट टर्म कान्ट्रैक्ट पर हैं, तो अब आप मात्र 1 वर्ष की नौकरी के बाद ग्रेच्युटी के हकदार होंगे. यह ‘प्रो-राटा’ (In proportion to the duration of work) आधार पर दी जाएगी.
  • परमानेंट कर्मचारी: आपके लिए 5 साल का पुराना नियम अभी भी लागू है. यानी इस्तीफे या रिटायरमेंट पर लाभ पाने के लिए 5 साल पूरे करना जरूरी है.

आपकी ग्रेच्युटी क्यों बढ़ जाएगी?

नए नियमों के अनुसार, आपकी कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% हिस्सा ‘वेजेस’ (Basic + DA) होना अनिवार्य है.

पुराना तरीका: कंपनियां ‘बेसिक पे’ कम रखती थीं ताकि ग्रेच्युटी लायबिलिटी कम हो.
नया तरीका: यदि अलाउंस 50% से अधिक होते हैं, तो अतिरिक्त राशि को बेसिक में जोड़ दिया जाएगा. इससे आपका कैलकुलेशन बेस बढ़ेगा, जिससे ग्रेच्युटी में 20% से 50% तक का इजाफा हो सकता है.

कैलकुलेशन का फॉर्मूला

फार्मूला वही रहेगा, लेकिन ‘सैलरी’ की स्ट्रक्चर बदलने से अंतिम राशि बढ़ जाएगी

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ग्रेच्युटी: पुराने बनाम नए नियम (FY 2026-27)

विशेषतापुराना नियमनया नियम (2026)
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर5 साल अनिवार्यसिर्फ 1 साल
परमानेंट वर्कर5 साल अनिवार्य5 साल अनिवार्य
वेतनबेसिक + डीए (कम हिस्सा)न्यूनतम 50% CTC (अनिवार्य)
भुगतान की समय सीमा30 दिन30 दिन (कानूनी अधिकार)
असरकम ग्रेच्युटी पेआउट20-50% अधिक पेआउट

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