बारिश के बाद सब्जियों को गलने और सड़ने से बचाने के लिए तुरंत करें ये 5 काम

Vegetables Tips : भारी बारिश के बाद सब्जियों की फसल को गलने से कैसे बचाएं? जल निकासी से लेकर फंगस कंट्रोल तक, अपनाएं ये 5 स्मार्ट तरीके और बचाएं अपनी मेहनत.

By Abhishek Pandey | May 8, 2026 10:51 AM

Vegetables Tips : बरसात का पानी फसलों के लिए वरदान है, लेकिन अगर यही पानी खेतों में जमा हो जाए तो यह ‘शाप’ बन जाता है. भारी बारिश के बाद अक्सर सब्जियां गलने लगती हैं और किसानों की महीनों की मेहनत मिट्टी में मिल जाती है. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो बारिश रुकते ही ये 5 स्मार्ट कदम आपकी फसल की लाइफलाइन बन सकते हैं.

  1. जल निकासी (Drainage): सबसे पहला और जरूरी कदम

पानी का जमाव पौधों की जड़ों के लिए ऑक्सीजन का रास्ता बंद कर देता है, जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं. जैसे ही बारिश थमे, खेत की नालियों को तुरंत साफ करें. सुनिश्चित करें कि पानी खेत में खड़ा न रहे और तेजी से बाहर निकल जाए.

  1. मिट्टी की गुड़ाई: जड़ों को दें ‘ताजी हवा’

जब मिट्टी थोड़ी सूखने लगे और चलने लायक हो जाए, तो हल्की गुड़ाई जरूर करें. गुड़ाई करने से मिट्टी के बंद छेद (Pores) खुल जाते हैं, जिससे जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचती है और पौधे दोबारा पोषक तत्व सोखने के लिए तैयार हो जाते हैं.

  1. फंगस और बीमारियों से सुरक्षा

नमी और गर्मी का मेल फंगस (Fungus) के लिए स्वर्ग जैसा होता है. इस समय ‘झुलसा रोग’ या ‘डैम्पिंग ऑफ’ का खतरा सबसे ज्यादा होता है. बारिश के तुरंत बाद किसी अच्छे फफूंदनाशक (Fungicide) का छिड़काव करें. साथ ही, कीटों की जांच करें और जरूरत पड़ने पर जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करें.

  1. पोषक तत्वों की कमी को करें पूरा

लगातार बारिश मिट्टी की ऊपरी परत से खाद और जरूरी पोषक तत्वों को बहा ले जाती है, जिससे पौधे पीले पड़ने लगते हैं. फसल को दोबारा ताकत देने के लिए यूरिया की हल्की ‘टॉप ड्रेसिंग’ करें या लिक्विड फर्टिलाइजर का छिड़काव करें. यह सीधे पत्तियों के जरिए पौधों को एनर्जी देता है.

  1. जड़ों पर मिट्टी चढ़ाना (Earthing Up)

अगर तेज बारिश से मिट्टी बह गई है और पौधों की जड़ें दिखने लगी हैं, तो वे कमजोर होकर गिर सकते हैं. पौधों की जड़ों के पास सूखी मिट्टी चढ़ा दें. इससे पौधों को मजबूती मिलेगी और वे सीधे खड़े रहकर तेजी से बढ़ सकेंगे.

एक्सपर्ट टिप: ट्रैक्टर का सही चुनाव

अगर आप 15 बीघा जैसी मध्यम जोत की खेती कर रहे हैं, तो सही HP (हॉर्स पावर) के ट्रैक्टर का चुनाव भी महत्वपूर्ण है. जल निकासी के लिए नाली बनाने या गुड़ाई जैसे कामों में छोटे और मध्यम श्रेणी के ट्रैक्टर काफी किफायती और कुशल साबित होते हैं.

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