LPG Price Today : देशभर में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर के दाम पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय रहे हैं. अच्छी खबर यह है कि आज शनिवार को घरेलू और कमर्शियल दोनों ही श्रेणियों के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिरती कीमतों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सामान्य होती स्थिति के कारण आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है.
आपके शहर में आज का एलपीजी सिलेंडर रेट
यहां प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की अनुमानित कीमतें दी गई हैं.
| शहर | घरेलू सिलेंडर (रु.) | कमर्शियल सिलेंडर (रु.) |
| नई दिल्ली | 942.00 | 3113.50 |
| मुंबई | 941.50 | 3067.50 |
| कोलकाता | 968.00 | 3255.50 |
| चेन्नई | 957.50 | 3283.00 |
| लखनऊ | 979.50 | 3236.00 |
| पटना | 1031.50 | 3400.00 |
एलपीजी सप्लाई पर लगी पाबंदियां खत्म
उपभोक्ताओं और औद्योगिक क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा राहत भरा कदम उठाया है. सरकार ने गैर-घरेलू एलपीजी सप्लाई और बल्क सप्लाई पर लगे प्रतिबंधों को पूरी तरह हटा लिया है.
- इसका असर क्या होगा? : इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्राहकों के लिए गैस की उपलब्धता आसान हो जाएगी. युद्ध के कारण जो सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी, वह अब युद्ध से पहले के स्तर पर लौट आएगी.
- किसे फायदा होगा? : होटल, रेस्टोरेंट, छोटे उद्योगों और उन सभी व्यावसायिक इकाइयों को फायदा होगा जो कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर हैं.
- क्यों हटाया गया प्रतिबंध? : अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच तनाव के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग) बंद होने से सप्लाई बाधित हो गई थी. अब हालात सामान्य होने पर सरकार ने बाजार को ‘डी-रेगुलेट’ करना शुरू कर दिया है.
एलपीजी कीमतों पर युद्ध का असर
पिछले कुछ महीनों में, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता के कारण घरेलू गैस की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी देखी गई थी.एक बार मार्च में और दूसरी बार 7 जून को. कमर्शियल सिलेंडर के दाम तो युद्ध के बाद से 47 प्रतिशत से अधिक उछल गए थे.
हालांकि, अब कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ रही हैं, जिससे उम्मीद है कि यदि वैश्विक बाजार में शांति बनी रही, तो आने वाले समय में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कमी देखी जा सकती है. सरकार का बल्क सप्लाई से रोक हटाना यह संकेत देता है कि देश में एलपीजी का स्टॉक अब सुरक्षित स्थिति में है.
आगे क्या हो सकता है?
आने वाले महीनों में गैस की कीमतों का रुख अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमतों पर निर्भर करेगा. यदि वैश्विक तनाव कम होता है, तो कंपनियों को लागत कम पड़ेगी, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिल सकता है. फिलहाल, आम जनता के लिए स्थिर कीमतें एक सकारात्मक संकेत है.
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