[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business LIC Kanyadan Policy: चाय-पान के दाम में 27 लाख रुपये की बंपर बचत, बेटी के ब्याह की चिंता खत्म

LIC Kanyadan Policy: चाय-पान के दाम में 27 लाख रुपये की बंपर बचत, बेटी के ब्याह की चिंता खत्म

0
LIC Kanyadan Policy: चाय-पान के दाम में 27 लाख रुपये की बंपर बचत, बेटी के ब्याह की चिंता खत्म
LIC Kanyadan Policy

LIC Kanyadan Policy: बेटी का ब्याह भारतीय समाज की सबसे बड़ी चिंता है. दहेज अपनी जगह है. महंगाई के जमाने में बेटी के ब्याह के लिए सामान खरीदना और इंतजाम करना ही सबसे बड़ा मुश्किल भरा काम है. एक साधारण शादी में ही लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं. ऐसे में, बेटी के पिता को कर्ज भी लेना पड़ता है. इसका सबसे बड़ा कारण रोजमर्रा के भारी खर्च के बीच बचत नहीं हो पाना है. आदमी बचत करने के लिए सोचता रह जाता है, मगर खर्चे पूरे ही नहीं होते. ऐसे में, उसे कर्ज लेना पड़ता है. लेकिन, बेटी के ब्याह के लिए अब शायद कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रोजाना के चाय-पान के खर्चे यानी सिर्फ 121-130 रुपये में आप कम से कम 27 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं. इसके लिए देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) एक ऐसी पॉलिसी लेकर आई, जो आपकी बेटी की पढ़ाई से लेकर ब्याह तक की चिंता को दूर कर सकती है. इसका नाम एलआईसी कन्यादान पॉलिसी है.

एलआईसी कन्यादान पॉलिसी क्या है?

एलआईसी कन्यादान पॉलिसी को ‘जीवन लक्ष्य’ भी कहा जाता है. इस पॉलिसी को बेटियों की भविष्य निधि (शिक्षा और शादी) के लिए डिजाइन किया गया है. कन्यादान पॉलिसी कहकर इसे लोकप्रिय बनाया गया है. यह पॉलिसी छोटी-छोटी बचत के माध्यम से जमाकर्ता को बड़ी रकम मुहैया कराती है.

एलआईसी कन्यादान पॉलिसी की खासियत

एलआईसी कन्यादान पॉलिसी की खासियत यह है कि आप रोजाना 121-130 रुपये (3,600-3,900 रुपये हर महीने) की प्रीमियम राशि पर अपना खाता खुलवा सकते हैं. इस पॉलिसी क अवधि 13 से 25 साल तक की है. आम तौर पर इस पॉलिसी के तहत 25 साल का टर्म चुना जाता है. इसकी दूसरी खासियत यह है कि इस पॉलिसी के तहत जमाकर्ता को केवल 22 से 23 साल तक ही पैसा जमा करना पड़ता है.

एलआईसी कन्यादान पॉलिसी से कैसे मिलेंगे 27 लाख रुपये

इसे समझना बेहद आसान है. मान लीजिए कि आप रोजाना 121 रुपये जमा करते हैं, तो एक महीने में यह राशि 3,630 रुपये होती है और पूरे साल में यह 43,560 रुपये होती है. पूरे 22 साल में आपकी ओर से जमा की गई राशि 958,320 रुपये हो जाएगी. अब जमा पर कंपनी की ओर से मूलधन पर ब्याज और बोनस देने के बाद मैच्योरिटी डेट पर आपको करीब 26.75 लाख रुपये से 27 लाख रुपये तक प्रदान की जाती है. जमाकर्ता की दुर्घटना में मृत्यु होने पर लाभुक को 10 लाख रुपये एकमुश्त दिए जाते हैं और इसके बाद कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता है.

एलआईसी कन्यादान पर अतिरिक्त सुविधाएं

  • पॉलिसी लोन की सुविधा: इस पॉलिसी के तहत 2 साल तक प्रीमियम देने के बाद पॉलिसी के सिक्स्ड वैल्यू पर लोन ली जा सकती है .
  • पॉलिसी सरेंडर: कम से कम 2 वर्ष का भुगतान हो जाने पर पॉलिसी को बंद किया जा सकता है .
  • टैक्स बेनिफिट: आयकर की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स से छूट मिलती है. मैच्योरिटी और मृत्यु लाभ भी टैक्स-फ्री हैं.

एलआईसी कन्यादान पॉलिसी की पात्रता

  • पॉलिसीधारक की उम्र 18 से 50 साल के बीच होनी चाहिए.
  • बेटी की उम्र कम से कम 1 साल होनी चाहिए.
  • बेसिक सम आश्योर्ड राशि न्यूनतम 1 लाख रुपये या इससे अधिक

ऐसे करें आवेदन

  • एलआईसी कन्यादान पॉलिसी लेने के लिए आपको एलआईसी की नजदीकी शाखा पर जाना होगा या किसी एजेंट की मदद लेनी होगी.
  • दस्तावेज के तौर पर आधार कार्ड, आय-आधार, पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो आदि देने की जरूरत पड़ेगी.

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश पर विश्वबैंक और एडीबी मेहरबान, 1.5 अरब डॉलर का देगा कर्ज

मिडिल क्लास के लिए आकर्षक प्लान

एलआईसी कन्यादान पॉलिसी देश के मिडिल परिवारों के लिए आकर्षक है, जहां रोजाना 121 से 130 रुपये की छोटी बचत से 25 साल में बेटी के शिक्षा‑विवाह के लिए लगभग 27 लाख रुपये का सुरक्षित फंड तैयार हो जाता है. इसमें जीवन सुरक्षा, टैक्स लाभ और लोन सहित कई फायदे उपलब्ध हैं.

इसे भी पढ़ें: एसआईपी का 12x12x25 फॉर्मूला नहीं जानता भारत, जान जाएगा तो घर लाएगा दो करोड़ की पेटी

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article Samastipur News:विनिता बनबीरा की निर्विरोध मुखिया निर्वाचित
Next article Samastipur News:आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्यों का हुआ सामाजिक अंकेक्षण
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel