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Home Business चीन जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट को दी गई जल सलामी, 10 नवंबर से उड़ान सेवा होगी शुरू

चीन जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट को दी गई जल सलामी, 10 नवंबर से उड़ान सेवा होगी शुरू

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चीन जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट को दी गई जल सलामी, 10 नवंबर से उड़ान सेवा होगी शुरू
दिल्ली में एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट को जल सलामी दी गई.

IndiGo China Flight: भारत की प्राइवेट एयरलाइन इंडिगो ने शनिवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दिल्ली से चीन के ग्वांगझू के बीच सीधी उड़ान सेवा की घोषणा की. इस नई सेवा की शुरुआत से पहले इंडिगो की फ्लाइट को दिल्ली एयरपोर्ट पर जल सलामी (वाटर कैनन सैल्यूट) दी गई. यह नई दैनिक उड़ान सेवा 10 नवंबर, 2025 से शुरू होगी और इसका संचालन एयरबस ए320 विमान से किया जाएगा.

भारत-चीन के बीच उड़ानें फिर से होंगी शुरू

यह कदम उस समय उठाया गया है, जब भारत के विदेश मंत्रालय ने अक्टूबर महीने की शुरुआत में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की बहाली की आधिकारिक पुष्टि की थी. कारोना महामारी और डोकलाम गतिरोध के कारण वर्ष 2020 में भारत और चीन के बीच सभी सीधी उड़ानें निलंबित कर दी गई थीं. अब चार साल बाद इन उड़ानों की बहाली से दोनों देशों के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंधों में सुधार का संकेत मिल रहा है. चीन की ओर से भी भारत के इस फैसले का स्वागत किया गया है. चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि उड़ानों का दोबारा शुरू होना दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.

इंडिगो बनी भारत-चीन मार्ग की अग्रणी एयरलाइन

इंडिगो ने कहा कि वह कोरोना महामारी के बाद भारत और चीन के बीच उड़ानें फिर से शुरू करने वाली पहली भारतीय एयरलाइनों में से एक है. इससे पहले, एयरलाइन ने 26 अक्टूबर, 2025 से कोलकाता-ग्वांगझू के बीच भी दैनिक उड़ानों की घोषणा की थी. इंडिगो के ग्लोबल सेल्स हेड विनय मल्होत्रा ने कहा, “कोलकाता से हाल ही में शुरू किए गए रूट के अलावा, अब दिल्ली से ग्वांगझोउ के बीच सीधी उड़ानें शुरू करके हमें खुशी हो रही है. यह कदम भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देगा.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस लॉन्च के साथ इंडिगो चीन को अपने विस्तृत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ेगा, जिससे व्यापार, निवेश, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे.

उड़ान समय और टिकट उपलब्धता

इंडिगो के अनुसार, दिल्ली से ग्वांगझू के लिए उड़ान रात 9:45 बजे रवाना होगी और सुबह 4:40 बजे चीन पहुंचेगी. वहीं वापसी की उड़ान ग्वांगझू से सुबह 5:50 बजे रवाना होगी और सुबह 10:10 बजे दिल्ली लौटेगी. इन उड़ानों के टिकट इंडिगो की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध हैं. कंपनी का कहना है कि यात्रियों को इस नए रूट पर सुविधाजनक समय-सारणी और किफायती किराया मिलेगा.

दिल्ली-हनोई रूट पर भी नई उड़ान की घोषणा

इंडिगो ने न केवल चीन बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की घोषणा की है. एयरलाइन 20 दिसंबर, 2025 से दिल्ली और हनोई (वियतनाम) के बीच नई दैनिक सीधी उड़ान शुरू करेगी. इस रूट पर भी एयरबस ए320 विमान संचालित किया जाएगा. इंडिगो पहले से ही कोलकाता और हनोई के साथ-साथ हो ची मिन्ह सिटी के बीच 14 साप्ताहिक उड़ानें चला रही है. नई दिल्ली-हनोई रूट से यात्रियों को व्यापार और पर्यटन के लिए और बेहतर विकल्प मिलेंगे.

विदेश मंत्रालय ने की भारत-चीन संबंधों की सराहना

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानों की बहाली दोनों देशों के संबंधों में सामान्यीकरण और सहयोग की दिशा में एक अहम कदम है. उन्होंने कहा, “इस वाणिज्यिक गतिविधि दोनों देशों के बीच बेहतर होते रिश्तों को दर्शाता है. यह विकास, व्यापार और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ाने में मदद करेगा.”

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चार साल बाद फिर उड़ान भरेंगी भारत-चीन सीधी फ्लाइटें

कोरोना महामारी के दौरान 2020 में भारत और चीन के बीच सभी सीधी उड़ानें रोक दी गई थीं. उसके बाद सीमाई तनाव (डोकलाम गतिरोध) के चलते इन उड़ानों को बहाल नहीं किया गया था. अब, 2025 में इंडिगो के इस नए प्रयास से दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क फिर से जीवित हो रहा है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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