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ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले

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ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले
NSE की बिल्डिंग (Photo: ANI)

Indian Stock Market 9 April 2026: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार की सुबह सुस्त रही है. कल की बढ़त के बाद आज सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले हैं. सुबह 9:17 बजे तक सेंसेक्स करीब 408 अंक (0.53%) गिरकर 77,154 पर आ गया, जबकि निफ्टी 157 अंक (0.66%) फिसलकर 23,839 पर कारोबार कर रहा था. इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है, जिससे ग्लोबल मार्केट्स में अनिश्चितता पैदा हो गई है. 

ग्लोबल मार्केट का भारत पर क्या असर पड़ा?

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया के बाजारों में गिरावट देखी गई है. जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.5% से ज्यादा टूट गए. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कल बाजार में जो बड़ी तेजी आई थी, वह ‘शॉर्ट कवरिंग’ और ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर की खबरों की वजह से थी. लेकिन जैसे ही इजराइल और लेबनान के बीच नए तनाव की खबरें आईं, इन्वेस्टर्स ने फिर से सावधानी बरतनी शुरू कर दी. कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें भी फिर से उछलकर 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर नहीं है. 

RBI के फैसले से इन्वेस्टर्स को क्या उम्मीद है?

रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया पॉलिसी में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि इससे बाजार को कोई खास बूस्ट नहीं मिला, लेकिन गवर्नर का यह कहना कि ‘देश की ग्रोथ मजबूत है’, इन्वेस्टर्स को भरोसा दे रहा है. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि साल 2027 तक भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.9% रह सकती है. इसका मतलब है कि कंपनियों की कमाई में लगभग 12% की बढ़त देखने को मिल सकती है. 

इन्वेस्टर्स को अब क्या करना चाहिए?

बाजार के जानकारों का कहना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है. सोने की कीमतें (Gold Price) बढ़कर 4,790 डॉलर प्रति औंस के पास पहुंच गई हैं, क्योंकि लोग सेफ इनवेस्टमेंट की तलाश कर रहे हैं. फिलहाल रणनीति साफ है: जिन अच्छी कंपनियों के शेयर विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण सस्ते मिल रहे हैं, वे आगे चलकर अच्छा रिटर्न दे सकते हैं. ऐसे माहौल में धैर्य ही सबसे बड़ा हथियार है. अगर मिडिल ईस्ट में तनाव कम होता है, तो बाजार फिर से रिकवरी कर सकता है. 

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Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

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