रिकॉर्ड गिरावट के बाद संभला भारतीय रुपया, 41 पैसे की आई मजबूती; जानें ट्रंप के किस बयान का हुआ असर

Rupee vs Dollar : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक बाजार को बड़ी राहत मिली है. इसी के दम पर भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरकर 41 पैसे मजबूत हुआ है.

By Abhishek Pandey | May 21, 2026 12:04 PM

Rupee vs Dollar : लगातार हो रही गिरावट के बाद भारतीय करेंसी के मोर्चे पर आज राहत की खबर आई है. शुरुआती कारोबार में रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर (All-time Low) से उबरने में कामयाब रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 41 पैसे चढ़कर 96.45 रुपये पर पहुंच गया.

बाजार में आई इस मजबूती के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान है, जिसने निवेशकों की चिंता को थोड़ा कम किया है.

ट्रंप के किस बयान से बाजार को मिली राहत?

दरअसल, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे ईरान के साथ बातचीत के अंतिम चरण में पहुंच रहे हैं. ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद यह साफ हुआ है कि अमेरिका अब दोबारा सैन्य हमला करने के बजाय समझौते के पक्ष में है.

ट्रंप ने यह भी बताया कि कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे अरब देशों के अनुरोध पर उन्होंने फिलहाल ईरान पर होने वाले हमलों को टाल दिया है. इस बयान के आते ही वैश्विक बाजार ने राहत की सांस ली और निवेशकों का भरोसा बढ़ा.

कैसा रहा आज का कारोबार?

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Foreign Exchange Market) में रुपये की शुरुआत आज अच्छी रही. रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत स्थिति में 96.25 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 96.45 के स्तर पर पहुंच गया. इससे ठीक एक दिन पहले (बुधवार को) रुपया इतिहास के सबसे खराब स्तर 96.86 पर बंद हुआ था और कारोबार के दौरान एक समय तो यह ₹96.95 तक टूट गया था.

हालांकि, डॉलर की अपनी स्थिति अब भी मजबूत है. दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.09% की बढ़त के साथ 99.18 पर बना हुआ है.

कच्चे तेल पर बनी हुई है नजर

भले ही बातचीत की खबरों से बाजार संभला है, लेकिन विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि लोग अब भी सतर्क हैं. मिडिल ईस्ट के संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) 0.71% की तेजी के साथ 105.77 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब तक तेल की कीमतें पूरी तरह काबू में नहीं आतीं, तब तक बाजार में थोड़ी सतर्कता बनी रहेगी. दूसरी तरफ, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को बाजार से 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसा बाहर निकाला था.

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