[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business Indian Railways: वेटिंग टिकट पर अब स्लीपर और एसी कोच में नहीं कर पाएंगे सफर, 1 मई से नए नियम लागू

Indian Railways: वेटिंग टिकट पर अब स्लीपर और एसी कोच में नहीं कर पाएंगे सफर, 1 मई से नए नियम लागू

0
Indian Railways: वेटिंग टिकट पर अब स्लीपर और एसी कोच में नहीं कर पाएंगे सफर, 1 मई से नए नियम लागू
Indian Railways

Indian Railways: ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर है. वह यह है कि अब आप वेटिंग टिकट पर ट्रेनों के स्लीपर या एसी कोच में सफर नहीं कर पाएंगे. वेटिंग टिकट कटाने के बाद आपको ट्रेन की जनरल बोगी में बैठकर सफर करना होगा. भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने घोषणा की है कि 1 मई 2025 से वेटिंग टिकट पर स्लीपर और एसी कोच में यात्रा करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा1

1 मई से किन-किन नियमों में होगा बदलाव

  • वेटिंग टिकट वाले यात्री अब केवल जनरल कोच में ही सफर कर सकेंगे.
  • कन्फर्म टिकट धारकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे यह सख्ती कर रहा है.
  • अगर कोई यात्री वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करता पाया गया, तो टीटीई उस पर जुर्माना लगा सकता है या फिर उसे जनरल कोच में भेज दिया जाएगा.

नियम क्यों किए जा रहे हैं सख्त?

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के मुताबिक, वेटिंग टिकट वाले यात्री अक्सर स्लीपर और एसी कोच में जबरन घुस जाते हैं. इससे कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों की सीटों पर विवाद की स्थिति बनती है. कोच में भीड़ बढ़ने से यात्रियों के आने-जाने में परेशानी होती है. सफर के दौरान सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव जरूरी है.

ऑनलाइन बुकिंग पर भी नया नियम लागू

  • IRCTC से बुक किए गए टिकट अगर कन्फर्म नहीं होते हैं, तो वह स्वतः रद्द हो जाते हैं.
  • इसके बावजूद कई लोग काउंटर से वेटिंग टिकट लेकर कोच में घुसते थे, अब यह संभव नहीं होगा.

इसे भी पढ़ें: पाई-पाई के लिए तरस रहीं छोटे शहरों की महिला उद्यमी, लोन मिलने में हो रही कठिनाई

यात्रा करने से पहले क्या सावधानी बरतें?

  • सफर से पहले सुनिश्चित करें कि आपका टिकट कन्फर्म हो.
  • अगर टिकट वेटिंग में है, तो जनरल कोच से यात्रा करें या यात्रा की योजना बदलें.
  • अनावश्यक जुर्माने और परेशानी से बचने के लिए रेलवे के नए नियमों का पालन करें.

इसे भी पढ़ें: सावधान! बदल लें एटीएम से पैसे निकालने की आदत, 1 मई से बढ़ने वाला है चार्ज

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article Motihari: आशुतोष महादेव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शुरू हुआ पूजन कार्य
Next article Jsca A Division Cricket league: लोयोला ब्लूज ने रुरल ब्लू को पांच विकेट से हराया
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel