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Home Business भारत के सर्विस सेक्टर का बज रहा डंका, जून में 10 महीने के हाइएस्ट पर पीएमआई

भारत के सर्विस सेक्टर का बज रहा डंका, जून में 10 महीने के हाइएस्ट पर पीएमआई

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भारत के सर्विस सेक्टर का बज रहा डंका, जून में 10 महीने के हाइएस्ट पर पीएमआई
Purchasing Managers Index

Purchasing Managers Index: भारत के सेवा क्षेत्र का दुनियाभर में डंका बज रहा है. बिजनेस ऑडरों की वजह इसकी वृद्धि 10 महीने के उच्चतर स्तर पर पहुंच गई है. गुरुवार को जारी परचेजिंग मैनजेर्स इंडेक्स (पीएमआई) के अनुसार, जून में भारतीय सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 10 महीने के उच्चतर स्तर पर पहुंच गई, जिसमें सकारात्मक मांग के रुझान और बिक्री में जारी सुधार के बीच अंतरराष्ट्रीय बिक्री और रोजगार सृजन में मजबूत विस्तार शामिल है.

60.4 अंक पर बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स

मासिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स मई में 58.8 से बढ़कर जून में 60.4 हो गया, जो नए बिजनेस ऑर्डरों में तेज उछाल के कारण हुआ. परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स की भाषा में, 50 से ऊपर का अंक विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन को दर्शाता है.

घरेलू ऑडरों से सेवा क्षेत्र में आया उछाल

एचएसबीसी के भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, “सेवा पीएमआई व्यवसाय गतिविधि सूचकांक 10 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जिसका कारण नए घरेलू ऑर्डरों में तीव्र वृद्धि थी. हालांकि, नए निर्यात ऑर्डरों में भी धीमी गति से वृद्धि हुई. मार्जिन में सुधार हुआ, क्योंकि कच्चे माल की लागत में वृद्धि आउटपुट चार्ज के मुकाबले कम थी.”

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अगस्त 2024 के बाद तेज वृद्धि

अगस्त, 2024 के बाद से नए ऑर्डर सबसे तेज गति से बढ़े. सेवा कंपनियों को घरेलू बाज़ार की निरंतर मजबूती से सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ. इसके साथ ही, नए निर्यात कारोबार में जोरदार वृद्धि हुई. पैनल के सदस्यों के अनुसार, एशियाई, पश्चिम एशियाई और अमेरिकी बाजारों से विदेशी मांग में खास तौर पर सुधार हुआ.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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