[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business एक हफ्ते में 2.29 अरब डॉलर बढ़ा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, तो पाकिस्तान का कितना?

एक हफ्ते में 2.29 अरब डॉलर बढ़ा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, तो पाकिस्तान का कितना?

0
एक हफ्ते में 2.29 अरब डॉलर बढ़ा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, तो पाकिस्तान का कितना?
India vs Pakistan Forex

India vs Pakistan Forex: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम पहले के बाद से ही भारत-पाकिस्तान के बीच तनातनी बढ़ी हुई है. खासकर, ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के तनाव और बढ़ गए हैं. पाकिस्तान बरसों से आर्थिक अस्थिरताओं और वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है. वह अब भी कंगाली की मार झेल रहा है. अपनी अर्थव्यवस्था और आयात के लिए विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से कर्ज लेना पड़ रहा है. इसके विपरीत, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में हर हफ्ते अरबों डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. 13 जून 2025 को समाप्त हुए सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.29 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई.

लगातार दूसरे हफ्ते बढ़ा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार

शुक्रवार को आरबीआई की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, 13 जून 2025 को समाप्त सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.29 अरब डॉलर की बढ़त दर्ज की गई. इसके साथ ही भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 698.95 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इससे पिछले सप्ताह यानी 6 जून को समाप्त सप्ताह में भी भंडार 5.17 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 696.65 अरब डॉलर पर था. यह लगातार दूसरी साप्ताहिक बढ़त है. सितंबर 2024 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर 704.88 अरब डॉलर पर पहुंच चुका है.

विदेशी मुद्रा आस्तियां और स्वर्ण भंडार में इजाफा

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 6 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां 1.74 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 589.43 अरब डॉलर तक पहुंच गईं. इस आंकड़े में डॉलर के अलावा यूरो, येन और पाउंड जैसी अन्य मुद्राओं में मूल्य उतार-चढ़ाव का भी असर होता है. इसी अवधि में भारत के स्वर्ण भंडार में भी 42.8 करोड़ डॉलर की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह 86.32 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इसके अलावा, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 8.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.76 अरब डॉलर और आईएमएफ के पास आरक्षित भंडार 4.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.45 अरब डॉलर हो गया.

पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में मामूली बढ़त

दूसरी ओर, पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में सीमित बढ़त देखने को मिली. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) की रिपोर्ट के अनुसार, 13 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 0.046 अरब डॉलर (यानी 46 मिलियन डॉलर) की वृद्धि दर्ज की गई. इसके साथ ही, पाकिस्तान का कुल भंडार 11.7219 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

इसे भी पढ़ें: विदेशी पूंजी के दम पर शेयर बाजार बम-बम, सेंसेक्स ने लगाई 1046.30 अंकों की छलांग

भारत और पाकिस्तान में अंतर साफ

जहां भारत की विदेशी मुद्रा स्थिति मजबूत बनी हुई है और लगातार नए रिकॉर्ड की ओर अग्रसर है, वहीं पाकिस्तान के भंडार में बढ़त सीमित और संघर्षपूर्ण नजर आती है. भारत और पाकिस्तान के भंडार के बीच करीब 687 अरब डॉलर का अंतर है, जो दोनों देशों की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक लेन-देन की क्षमता को दर्शाता है.

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश पर विश्वबैंक और एडीबी मेहरबान, 1.5 अरब डॉलर का देगा कर्ज

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article पुत्र ने जान देकर चुकाई मां के अवैध संबंध की कीमत
Next article चौड़ीकरण व नाला निर्माण का डीपीआर विभाग को भेजा
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel