[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business PMI: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर जोरदार वृद्धि, अप्रैल 2025 में पीएमआई 10 महीने के उच्चतम स्तर पर

PMI: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर जोरदार वृद्धि, अप्रैल 2025 में पीएमआई 10 महीने के उच्चतम स्तर पर

0
PMI: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर जोरदार वृद्धि, अप्रैल 2025 में पीएमआई 10 महीने के उच्चतम स्तर पर
India manufacturing growth

Manufacturing Sector PMI: भारतीय विनिर्माण क्षेत्र ने अप्रैल 2025 में जोरदार वृद्धि दर्ज की है। एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) बढ़कर 58.2 पर पहुंच गया है, जो पिछले महीने मार्च में 58.1 था. यह जून 2024 के बाद से उत्पादन में सबसे तेज वृद्धि है. पीएमआई का 50 से ऊपर होना विकास का संकेत देता है, जबकि नीचे आना संकुचन को दर्शाता है.

नए ऑर्डर्स और निर्यात ने दी मजबूती

अप्रैल में पीएमआई में तेज उछाल के पीछे प्रमुख कारणों में से एक नए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स की वृद्धि रही.

  • विदेशी मांग में 14 वर्षों की सबसे बड़ी छलांग देखी गई.
  • ऑर्डर्स में यह वृद्धि अफ्रीका, एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से आई.
  • कुल बिक्री में सुधार वैश्विक मांग के मजबूत संकेत हैं.
  • कंपनियों ने बताया कि वित्त वर्ष 2025–26 की शुरुआत सकारात्मक रही है.

एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि यह ट्रेंड भारत के उत्पादन केंद्र के रूप में उभरने की ओर संकेत करता है.

रोजगार, क्रय और मूल्य निर्धारण में बढ़ोतरी

विनिर्माण गतिविधियों में तेजी के साथ कई अन्य क्षेत्रों में भी उछाल देखा गया.

  • रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई.
  • कंपनियों की क्रय गतिविधियां बढ़ीं, जो आने वाले महीनों में उत्पादन क्षमता को बल देंगी.
  • बिक्री मूल्य अक्टूबर 2013 के बाद सबसे अधिक बढ़े, जिससे कंपनियों की प्राइसिंग पावर मजबूत हुई.
  • कच्चे माल की लागत में केवल मामूली वृद्धि दर्ज की गई.

इसे भी पढ़ें: गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा पलामू, पुलिस-TPC मुठभेड़, नक्सल सामग्री बरामद

आने वाले महीनों के लिए सकारात्मक संकेत

अप्रैल के आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि कंपनियां आने वाले महीनों में मजबूत मांग की उम्मीद कर रही हैं. विपणन रणनीतियों, संचालन में दक्षता और नए ग्राहकों से पूछताछ के चलते उत्पादन संभावनाएं उज्ज्वल नजर आ रही हैं.

इसे भी पढ़ें: किस राज्य के लोग पीते हैं सबसे ज्यादा दूध? यूपी पिछड़ा, जानें बिहार का नंबर  

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article Jfc fan at Dhatkidih on 3rd may: जेएफसी का फैन पार्क आज, सुपर कप के फाइनल मैच का होगा सीधा प्रसारण
Next article Caste Census: तेजस्वी नहीं सीएम नीतीश ने किया था जातीय सर्वे का ऐलान, क्रेडिट लेने में जुटी RJD 
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel