India GDP Report 2026: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर आई है. हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर तिमाही में देश की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) 7.8% की दर से बढ़ी है. यह अनुमान से कहीं बेहतर है. इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही सरकार ने अर्थव्यवस्था को नापने का तरीका भी बदल दिया है, जिससे डेटा और भी सटीक हो गया है.
क्या अब पुराने तरीके से नहीं होगी GDP की गणना?
जी हां, सरकार ने GDP नापने का आधार वर्ष (Base Year) बदल दिया है. पहले यह 2011-12 था, जिसे अब बदलकर 2022-23 कर दिया गया है. इसका मतलब है कि अब देश की तरक्की की तुलना हाल के सालों की कीमतों के आधार पर होगी, न कि 14 साल पुरानी कीमतों से. यह बदलाव अर्थव्यवस्था की असली तस्वीर दिखाएगा.
भारतीय आंकड़ों पर IMF को क्या ऐतराज था?
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पहले भारतीय आंकड़ों की सटीकता पर सवाल उठाए थे. लेकिन अब सरकार ने GST, नए डिजिटल सर्वे जैसे ASUSE और PLFS और वाहनों के रजिस्ट्रेशन (e-Vahan) जैसे पक्के डेटा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. इससे आंकड़ों की रिलायबिलिटी बढ़ेगी और IMF की चिंताएं भी दूर होंगी.
अमेरिकी टैरिफ का हमारी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?
अमेरिका ने भारतीय सामानों पर जो ऊंचे टैरिफ (आयात शुल्क) लगाए थे, उससे निर्यात पर थोड़ा असर जरूर पड़ा है. लेकिन अच्छी बात यह है कि घरेलू मांग मजबूत रही है और भारतीय सामानों ने दूसरे देशों में नए बाजार ढूंढ लिए है. साथ ही, अब अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव भी कम हो रहा है, जिससे भविष्य में एक्सपोर्ट बढ़ने की उम्मीद है.
भविष्य के लिए क्या है सरकार का प्लान?
सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर छोटे-बड़े कारोबार को नापा जाए, जिसमें डिजिटल और गिग इकोनॉमी जैसे डिलीवरी बॉय, फ्रीलांसर भी शामिल हैं. वित्त वर्ष 2026 के लिए विकास दर का अनुमान 7.4% से बढ़ाकर 7.6% कर दिया गया है.
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