भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने रचा इतिहास, पहली बार 709 बिलियन डॉलर के पहुंचा पार

India Forex Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 709.413 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है. जानें सोने की बढ़ती कीमतों और RBI की रणनीति ने देश के खजाने को कैसे मालामाल कर दिया है.

By Soumya Shahdeo | January 31, 2026 2:05 PM

India Forex Reserves: भारत के खजाने में इस वक्त रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोत्तरी हुई है. रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 23 जनवरी तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 709.413 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है. एक ही हफ्ते में इसमें करीब 8 बिलियन डॉलर का जबरदस्त हुआ है. आसान भाषा में समझें तो यह हमारे देश की वो बचत है, जो मुश्किल वक्त में काम आती है और हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है.

आखिर खजाना इतना बढ़ा कैसे?

इस बढ़ोत्तरी के पीछे दो बड़े कारण हैं. पहला, हमारे पास मौजूद विदेशी मुद्रा (जैसे डॉलर, यूरो) की वैल्यू बढ़ी है. दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण है सोना (Gold). पिछले कुछ समय में सोने की कीमतों में उछाल और आरबीआई की खरीदारी की वजह से हमारे गोल्ड रिजर्व की वैल्यू अब 123 बिलियन डॉलर के पार हो गई है.

क्या हमारे पास काफी पैसा है?

आरबीआई का मानना है कि भारत इस वक्त काफी सुरक्षित स्थिति में है. हमारा यह भंडार इतना बड़ा है कि अगर आज भारत बाहर से सामान मंगाना (इंपोर्ट) चाहे, तो बिना किसी टेंशन के अगले 11 महीनों से ज्यादा का खर्च आराम से निकाल सकता है. विदेशी बाजार में उथल-पुथल होने के बावजूद भारत की स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है.

पिछले सालों में क्या रहा हाल?

अगर पिछले कुछ सालों पर नजर डालें, तो उतार-चढ़ाव साफ दिखता है:

  • 2022: इस साल भंडार में 71 बिलियन डॉलर की बड़ी गिरावट आई थी.
  • 2023: शानदार रिकवरी हुई और करीब 58 बिलियन डॉलर जुड़े.
  • 2024: रफ्तार थोड़ी धीमी रही और 20 बिलियन डॉलर की बढ़त हुई.
  • 2025: इस साल अब तक लगभग 56 बिलियन डॉलर का बड़ा इजाफा देखने को मिला है.

आरबीआई क्यों रखता है इतनी नजर?

आरबीआई इन पैसों का इस्तेमाल बाजार को बैलेंस करने के लिए करता है. जब भारतीय रुपया कमजोर होने लगता है, तो आरबीआई अपने भंडार से डॉलर बेचकर उसे संभालने की कोशिश करता है. सरल शब्दों में, यह खजाना भारतीय इकोनॉमी के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.

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