India Forex Reserves : वैश्विक अनिश्चितता (Global Uncertainty) और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को बड़ा झटका लगा है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 15 मई 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.09 अरब डॉलर घटकर 688.89 अरब डॉलर रह गया है. इससे ठीक पिछले सप्ताह इसमें अच्छी बढ़त देखी गई थी, जब यह 6.29 अरब डॉलर बढ़कर 696.99 अरब डॉलर पर पहुंच गया था.
क्यों आ रही है विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट ?
यदि हम कुछ समय पहले के आंकड़ों को देखें, तो पश्चिम एशिया (Middle East) में युद्ध शुरू होने से ठीक पहले, 27 फरवरी 2026 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time High) पर पहुंच गया था. लेकिन इसके बाद से ही इसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है.
रुपये को संभालने के लिए RBI की कोशिश: डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई लगातार विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है. रुपये को सहारा देने के लिए केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर डॉलर बेच रहा है, जिससे मुद्रा भंडार कम हो रहा है.
वैश्विक तनाव: युद्ध की वजह से कच्चे तेल और अन्य वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ा है, जिससे विदेशी मुद्रा का आउटफ्लो (बाहर जाना) बढ़ा है.
पीएम मोदी ने देशवासियों से की खास अपील
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी 11 मई 2026 को देशवासियों से एक विशेष अपील की है. पीएम ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे विदेशी यात्राएं कम करें (ताकि विदेशी मुद्रा देश से बाहर न जाए). ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की खपत घटाएं (जिससे कच्चे तेल का आयात कम करना पड़े). एक वर्ष तक सोने की खरीद से बचें, ताकि देश की मूल्यवान विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके.
जानिए कहां कितना घटा खजाना
आरबीआई की साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार के हर हिस्से में इस सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है:
| विदेशी मुद्रा भंडार के घटक | मौजूदा स्थिति (15 मई 2026) | कितनी आई गिरावट |
| विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA) | $545.90 अरब | $6.48 अरब घटा |
| गोल्ड रिजर्व (सोने का भंडार) | $119.32 अरब | $1.54 अरब घटा |
| विशेष आहरण अधिकार (SDR) | $18.82 अरब | $4.9 करोड़ घटा |
| IMF में भारत की आरक्षित स्थिति | $4.85 अरब | $2.5 करोड़ घटा |
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