[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business India-Angola: तेल से तराशी जा रही है नई साझेदारी की ताकत, राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा का दिखेगा असर

India-Angola: तेल से तराशी जा रही है नई साझेदारी की ताकत, राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा का दिखेगा असर

0
India-Angola: तेल से तराशी जा रही है नई साझेदारी की ताकत, राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा का दिखेगा असर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ऐतिहासिक यात्रा से मजबूत हुआ भारत-अंगोला का रिश्ता.

India-Angola: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन दिनों अफ्रीकी देश अंगोला के चार दिवसीय दौरे पर हैं. यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा है और इस दौरे ने दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा भर दी है. राजधानी लुआंडा के प्रेसिडेंशियल पैलेस में हुए औपचारिक स्वागत के दौरान दोनों देशों ने कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किये, जिनमें मछली पालन, जलीय संसाधन और वाणिज्यिक सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

क्यों खास है अंगोला भारत के लिए?

अंगोला भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा का एक बड़ा केंद्र है. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत की तेल और गैस कंपनियां अंगोला के साथ “लंबे समय” के तेल-गैस खरीद अनुबंध करना चाहती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय कंपनियां अंगोला के ऑनशोर और ऑफशोर ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश की इच्छुक हैं.

किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग?

ऊर्जा के अलावा भारत ने अंगोला के रिफाइनरी प्रोजेक्ट्स, फर्टिलाइजर और यूरिया निर्माण, और हीरा उद्योग में भी साझेदारी की इच्छा जताई है. अंगोला दुनिया के प्रमुख हीरा उत्पादक देशों में से एक है, जबकि भारत हीरे की कटाई और पॉलिशिंग में आगे है. मुर्मू ने कहा कि दोनों देश अपनी ताकतों को मिलाकर एक-दूसरे के लिए फायदेमंद काम कर सकते हैं.

ALSO READ: जहरीली Cough Syrup के बाद सख्त हुई सरकार, अब सभी दवा फैक्ट्रियों को जनवरी तक अपनाने होंगे अंतरराष्ट्रीय नियम

क्या होगा अगला कदम?

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत, अंगोला को रक्षा क्षेत्र में भी मदद देने को तैयार है और “विश्वसनीय रक्षा निर्यातक” के रूप में उसकी जरूरतें पूरी करेगा. साथ ही, भारत ने मेडिकल सेक्टर, कृषि, सड़क और रेल परिवहन में भी सहयोग का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने सुझाव दिया कि भारत की ‘वंदे भारत’ ट्रेनें अंगोला में भी चल सकती हैं.

राष्ट्रपति मुर्मू ने क्या बोला ?

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत-अंगोला के रिश्ते “आपसी विश्वास और सम्मान” पर टिके हैं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए अंगोला के समर्थन की उम्मीद जताई और कहा कि अंगोला में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच “सांस्कृतिक और आर्थिक पुल” का काम कर रहा है.

ALSO READ: YouTube से शेयर बाजार तक: PhysicsWallah अब मचाने वाला है IPO का धमाका!

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel