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Home Business ICICI बैंक में ‘नकली सोने’ का असली खेल, 23 करोड़ का चूना, 159 अकाउंट और 21 महीने तक सोता रहा बैंक

ICICI बैंक में ‘नकली सोने’ का असली खेल, 23 करोड़ का चूना, 159 अकाउंट और 21 महीने तक सोता रहा बैंक

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ICICI बैंक में ‘नकली सोने’ का असली खेल, 23 करोड़ का चूना, 159 अकाउंट और 21 महीने तक सोता रहा बैंक
ICICI Bank

ICICI Gold Loan Scam: अक्सर हम सुनते हैं कि बैंक से कर्ज लेना लोहे के चने चबाने जैसा है, लेकिन नागपुर में ठगों के एक गिरोह ने इसे बच्चों का खेल बना दिया. महाराष्ट्र के नागपुर में ICICI बैंक की 9 अलग-अलग शाखाओं में ‘नकली सोना’ गिरवी रखकर ₹23 करोड़ का गोल्ड लोन डकार लिया गया.

हैरानी की बात यह है कि यह खेल कोई एक-दो दिन नहीं, बल्कि जनवरी 2023 से अक्टूबर 2025 तक यानी पूरे 2 साल चलता रहा और बैंक को कानो-कान खबर तक नहीं हुई. जब बैंक ने अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो का ऑडिट कराया, तब जाकर इस महाघोटाले की परतें खुलीं.

कैसे हुआ यह 23 करोड़ का ‘गोल्डन’ घोटाला?

धंतोली (Dhantoli) पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के मुताबिक, यह पूरा मामला बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया.

  • 159 फर्जी खाते: ठगों ने बैंक की साख का फायदा उठाते हुए 9 अलग-अलग ब्रांच में कुल 159 गोल्ड लोन अकाउंट खोले.
  • नकली सोना, असली लोन: हर खाते में गिरवी रखा गया सोना नकली था, लेकिन बैंक के सिस्टम ने उसे ‘पास’ कर दिया और करोड़ों रुपए का कर्ज जारी कर दिया.
  • ऑडिट में खुला राज: बैंक को अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब नियमित ऑडिट के दौरान गिरवी रखे गए सोने की फिर से जांच की गई.

बैंक कर्मचारियों की ‘लापरवाही’ या ‘मिलीभगत’?

इस घोटाले ने बैंक के सुरक्षा चक्र (Security Process) पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस अब दो मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रही है:

  • वैल्यूअर की भूमिका: गोल्ड लोन देने से पहले बैंक का अधिकृत ‘वैल्यूअर’ सोने की शुद्धता जांचता है. बिना उसकी ‘ग्रीन सिग्नल’ के लोन मिलना नामुमकिन है. क्या वैल्यूअर ठगों के साथ मिला हुआ था?
  • अंदरूनी मिलीभगत: क्या बैंक के बड़े अधिकारी या कर्मचारी भी इस गिरोह का हिस्सा थे? क्योंकि 21 महीनों तक 159 खातों में एक ही तरह का फर्जीवाड़ा चलना बिना अंदरूनी मदद के कठिन है.

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अभिषेक पाण्डेय पिछले 4 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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