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Home Business HUL MD Salary Hike: एचयूएल के एमडी की सैलरी 3.75% बढ़ी, 8.4% घट गए स्थायी कर्मचारी

HUL MD Salary Hike: एचयूएल के एमडी की सैलरी 3.75% बढ़ी, 8.4% घट गए स्थायी कर्मचारी

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HUL MD Salary Hike: एचयूएल के एमडी की सैलरी 3.75% बढ़ी, 8.4% घट गए स्थायी कर्मचारी
HUL MD Salary Hike

HUL MD Salary Hike: रोजमर्रा की जरूरत का सामान बनाने वाली प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के प्रबंध निदेशक रोहित जावा का कुल वार्षिक वेतन वित्त वर्ष 2024-25 में 3.75% की वृद्धि के साथ 23.23 करोड़ रुपये हो गया है. यह जानकारी कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में सामने आई है. इस पैकेज में 3.65 करोड़ रुपये का मूल वेतन, 11.45 करोड़ रुपये के भत्ते, 3.78 करोड़ रुपये का वार्षिक बोनस और 2.76 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक प्रोत्साहन शामिल है.

कर्मचारियों के औसत वेतन से 146 गुना ज्यादा सैलरी

रिपोर्ट के अनुसार, रोहित जावा का वेतन कर्मचारियों के औसत वार्षिक वेतन से 146.47 गुना अधिक है. हालांकि, यह अनुपात पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में 153.03 गुना था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों के वेतन में आंशिक बढ़ोतरी हुई है.

स्थायी कर्मचारियों की संख्या में 8.4% की गिरावट

एचयूएल में स्थायी कर्मचारियों की कुल संख्या में उल्लेखनीय कमी देखी गई है. 31 मार्च 2025 तक कंपनी के पास 6,604 स्थायी कर्मचारी थे, जबकि इससे पिछले वर्ष यह संख्या 7,215 थी. यानी कर्मचारियों की संख्या में 8.46% की गिरावट आई है.

औसत पारिश्रमिक में 8.39% की बढ़ोतरी

हालांकि, कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है, लेकिन उनके औसत वेतन में 8.39% की वृद्धि दर्ज की गई है. कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रबंधकीय कर्मियों को छोड़कर अन्य कर्मचारियों के वेतन में औसतन 4.62% की बढ़ोतरी की गई है. यह बढ़ोतरी पदोन्नति से अलग मानी गई है.

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शीर्ष प्रबंधन का वेतन बढ़ा, कर्मचारियों की संख्या घटी

एचयूएल की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि जहां शीर्ष प्रबंधन का वेतन बढ़ा है, वहीं कंपनी ने लागत नियंत्रण के तहत कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है. हालांकि, वेतन वृद्धि का अनुपात सकारात्मक संकेत देता है, लेकिन कर्मचारियों की घटती संख्या चिंताजनक पहलू हो सकता है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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