[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business H-1B Visa के नाम पर बड़ा खेल! फर्जी जॉब से लेकर नकली रिज्यूमे तक, ऐसे होती है ठगी 

H-1B Visa के नाम पर बड़ा खेल! फर्जी जॉब से लेकर नकली रिज्यूमे तक, ऐसे होती है ठगी 

0
H-1B Visa के नाम पर बड़ा खेल! फर्जी जॉब से लेकर नकली रिज्यूमे तक, ऐसे होती है ठगी 
Photo: AI

H-1B Visa Trap: हजारों भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए H-1B वीजा अमेरिका में बसने और एक शानदार करियर बनाने का सबसे बड़ा जरिया है. लेकिन हाल ही में पत्रकार तनुले ठाकुर की किताब ‘वाइल्ड वाइल्ड ईस्ट’ ने इस सुनहरे सपने के पीछे छिपे काले सच को सामने रखा है. यह किताब उन ‘देसी कंसल्टेंसी’ के बारे में बात करती है जो भारतीय युवाओं को धोखे के जाल में फंसा रही हैं.

क्या हैं ये ‘देसी कंसल्टेंसी’?

इन्हें आम भाषा में ‘बॉडी शॉप्स’ कहा जाता है. ये कंपनियां सीधे तौर पर कोई तकनीकी काम नहीं करतीं, बल्कि केवल एक बिचौलिए (middleman) की तरह काम करती हैं. इनका काम बस भारतीय कर्मचारियों को अमेरिका की बड़ी कंपनियों में काम पर लगवाना है. हालांकि यह मॉडल कानूनी है, लेकिन कई छोटी फर्में इसका गलत फायदा उठा रही हैं. वे वीजा के नियमों की खामियों का इस्तेमाल कर अपनी तिजोरियां भर रही हैं और युवाओं की मेहनत की कमाई हड़प रही हैं.

कैसे बिछाया जाता है धोखाधड़ी का जाल?

धोखाधड़ी की शुरुआत भारत से ही हो जाती है. रिक्रूटर्स छात्रों को मोटी सैलरी और ग्रीन कार्ड का सपना दिखाते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि:

  • नकली वादे: जो नौकरी बताई जाती है, वह अक्सर होती ही नहीं.
  • फर्जी रिज्यूमे: फ्रेशर्स को कहा जाता है कि वे खुद को 7-8 साल का अनुभवी बताएं.
  • प्रॉक्सी इंटरव्यू: काम पाने के लिए दूसरे व्यक्ति से इंटरव्यू दिलवाए जाते हैं.
  • सपोर्ट का ढोंग: नौकरी मिलने के बाद, काम करने के लिए भी इन्हें रिमोट एक्सपर्ट्स पर निर्भर रहना पड़ता है, क्योंकि उन्हें खुद उस काम की जानकारी नहीं होती.

क्यों चुप रह जाते हैं पीड़ित?

अमेरिका पहुंचने के बाद भी शोषण रुकता नहीं है. कई लोगों को तंग कमरों में रखा जाता है, महीनों तक सैलरी नहीं दी जाती या उनकी कमाई का एक हिस्सा काट लिया जाता है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि H-1B वीजा का नियम ही ऐसा है कि आप अपने मालिक (employer) से बंधे होते हैं. अगर आप नौकरी छोड़ते हैं, तो आपका वीजा खत्म हो जाता है और आपको देश से बाहर निकाला जा सकता है. इसी डर के कारण कर्मचारी चुप रहकर अत्याचार सहते रहते हैं.

क्या है इसका समाधान?

तनुले ठाकुर का मानना है कि इस व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत है. अगर वीजा नियमों में बदलाव करके इसे ‘पोर्टेबल’ (यानी कर्मचारी अपनी मर्जी से कंपनी बदल सके) बना दिया जाए, तो इन कंसल्टेंसी की मनमानी पर लगाम लग सकती है. इसके अलावा, अमेरिका को भी इन फर्जी फर्मों पर कड़ी नजर रखने और कड़े कानून लागू करने की आवश्यकता है ताकि कोई भी भारतीय युवा अपने सपनों के चक्कर में ठगी का शिकार न बने.

ये भी पढ़ें: ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के पुराने नोट 1 जुलाई से बंद ? RBI ने वायरल दावे पर बताई पूरी सच्चाई

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel