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Home Business जीएसटी ने भर दिया मोदी सरकार का खजाना, अगस्त में कलेक्शन में 6.2% बढ़ोतरी दर्ज

जीएसटी ने भर दिया मोदी सरकार का खजाना, अगस्त में कलेक्शन में 6.2% बढ़ोतरी दर्ज

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जीएसटी ने भर दिया मोदी सरकार का खजाना, अगस्त में कलेक्शन में 6.2% बढ़ोतरी दर्ज
जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी दर्ज.

GST Collection: अगस्त 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का सकल संग्रह 6.2% बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2024 में यह संग्रह 1.75 लाख करोड़ रुपये था. इस बार के आंकड़े बताते हैं कि घरेलू राजस्व में मजबूत वृद्धि ने सरकार के खजाने को सहारा दिया है.

घरेलू राजस्व में बढ़त, आयात कर में गिरावट

आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त में सकल घरेलू राजस्व 9.6% बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये रहा. वहीं, आयात कर में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 1.2% घटकर 49,354 करोड़ रुपये पर आ गया. इससे साफ है कि जीएसटी संग्रह में मजबूती का मुख्य कारण घरेलू खपत और मांग रही.

जीएसटी रिफंड में गिरावट

अगस्त 2025 में जीएसटी रिफंड सालाना आधार पर 20% घटकर 19,359 करोड़ रुपये रह गया. हालांकि, रिफंड में इस कमी का असर शुद्ध जीएसटी संग्रह पर सकारात्मक रहा और सरकार के खजाने में अतिरिक्त राजस्व जुड़ा.

शुद्ध राजस्व में मजबूती

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.67 लाख करोड़ रुपये रहा. यह सालाना आधार पर 10.7% की वृद्धि दर्शाता है. शुद्ध संग्रह में हुई यह बढ़ोतरी केंद्र और राज्य सरकारों के लिए वित्तीय मजबूती का संकेत देती है.

परिषद की बैठक से पहले सकारात्मक संकेत

ये आंकड़े उस समय सामने आए हैं, जब दो दिन बाद केंद्र और राज्यों की जीएसटी परिषद की बैठक होने वाली है. इस बैठक में दरों को युक्तिसंगत बनाने और कर स्लैब की संख्या कम करने पर विचार किया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत जीएसटी संग्रह सरकार को नीतिगत फैसलों के लिए अधिक लचीलापन देगा.

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घरेलू खपत के बल पर बढ़ा जीएसटी कलेक्शन

अगस्त 2025 के आंकड़े बताते हैं कि घरेलू खपत और राजस्व वृद्धि के बल पर जीएसटी संग्रह लगातार मजबूती की ओर है. हालांकि, आयात कर में गिरावट और रिफंड की कमी संतुलन की ओर इशारा करती है. परिषद की आगामी बैठक से उम्मीद है कि कर संरचना और सरल होगी, जिससे भविष्य में और स्थिरता आएगी.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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