FSSAI Rules : भारत में राशन की दुकान चलाने वाले या खाद्य सामानों का डिस्ट्रीब्यूशन करने वाले छोटे कारोबारियों के लिए सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन) रेगुलेशंस, 2011 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं. इस बदलाव का सीधा असर उन कारोबारियों पर पड़ेगा जो खाद्य उत्पाद बनाते नहीं हैं, बल्कि उन्हें बेचते या सप्लाई करते हैं. आइए समझते हैं कि ये बदलाव आपके व्यापार को कैसे आसान बनाएंगे.
किसे मिली राहत और क्या है बड़ा बदलाव?
पुराने नियमों के तहत, खाद्य लाइसेंस रखने वाले हर कारोबारी के लिए स्टॉक को FIFO (First In First Out) या FEFO (First Expiry First Out) के आधार पर मैनेज करना और उसका ब्योरा रखना अनिवार्य था.
नए संशोधनों के बाद, यह जटिलता अब कम हो गई है.
- किसे मिली छूट: गैर-निर्माण (Non-Manufacturing) खाद्य कारोबारी, जैसे कि रिटेल दुकानदर, होलसेलर, और डिस्ट्रीब्यूटर्स.
- क्या हुआ बदलाव: अब इन कारोबारियों को स्टॉक रोटेशन के कठोर रिकॉर्ड रखने की बाध्यता से बाहर कर दिया गया है.
- किसके लिए नियम सख्त हैं: जो कंपनियां या इकाइयां वास्तव में खाद्य उत्पादों का निर्माण (Manufacturing) करती हैं, उनके लिए पुराने नियम पहले की तरह ही प्रभावी रहेंगे. खाद्य सुरक्षा और ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए उन पर निगरानी बनी रहेगी.
छोटे कारोबारियों के लिए यह बदलाव क्यों जरूरी है?
नीति आयोग की सिफारिशों के आधार पर लिया गया यह फैसला छोटे व्यापारियों की मुख्य समस्याओं को ध्यान में रखकर किया गया है.
- कागजी कार्रवाई में कमी: छोटे दुकानदारों को हर छोटे स्टॉक के मूवमेंट का रिकॉर्ड रखने में अपना कीमती समय नहीं गंवाना होगा.
- MSME को मजबूती: छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमों को ‘कम्प्लायंस बर्डन’ (अनुपालन का बोझ) से राहत मिलेगी, जिससे वे अपने बिजनेस को बढ़ाने पर अधिक ध्यान दे पाएंगे.
- सरकार ने यह माना है कि खुदरा बिक्री में हर छोटी वस्तु का रोटेशन रिकॉर्ड रखना छोटे दुकानदारों के लिए एक अनावश्यक बाधा थी.
क्या आपको अब भी किसी बात की चिंता करनी चाहिए?
कई दुकानदार यह सोच रहे हैं कि क्या अब उन्हें खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करना होगा? इसका जवाब है, नहीं. राहत केवल ‘रिकॉर्ड रखने’ की प्रक्रिया में मिली है, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट की जांच और स्वच्छता के मानक पहले की तरह ही लागू रहेंगे. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जहाँ खाद्य सुरक्षा के लिए निगरानी जरूरी है, वहाँ नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी.
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