सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, ऑल-टाइम हाई से ₹28,000 सस्ता हुआ सोना

Gold-Silver Rate : सर्राफा बाजार से इस हफ्ते राहत भरी खबर आई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, सोने की कीमत में ₹6,438 और चांदी में ₹14,326 की बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई है.

By Abhishek Pandey | June 13, 2026 2:33 PM

Gold-Silver Rate : अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह हफ्ता आपके लिए बड़ी राहत लेकर आया है. इस सप्ताह सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है.

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की रिपोर्ट के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 6,438 रुपये टूटकर करीब 1.48 लाख रुपये पर आ गया है. आपको बता दें कि पिछले हफ्ते यानी 6 जून को यही सोना 1.54 लाख रुपये के स्तर पर ट्रेंड कर रहा था.

सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी इस हफ्ते काफी फीकी रही. चांदी का भाव 2.57 लाख रुपये प्रति किलो से घटकर 2.43 लाख रुपये पर बंद हुआ है. इसका मतलब है कि सिर्फ एक हफ्ते में चांदी के दाम 14,326 रुपये प्रति किलो तक कम हो गए हैं.

आपके शहर में क्या है सोने का भाव ?

देश के अलग-अलग प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है. गुडरिटर्न्स के मुताबिक ताजा भाव इस प्रकार हैं.

  • जयपुर, दिल्ली, लखनऊ: ₹1,49,230
  • पटना, अहमदाबाद, भोपाल: ₹1,49,130
  • मुंबई, रायपुर, कोलकाता: ₹1,49,080

शुद्धता के हिसाब से सोने की कीमतें

  • 24 कैरेट (सबसे शुद्ध सोना): ₹1,47,800 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट (ज्वेलरी के लिए): ₹1,35,384 प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट: ₹1,10,850 प्रति 10 ग्राम
  • 14 कैरेट: ₹86,463 प्रति 10 ग्राम

रिकॉर्ड ऊंचाई से कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?

इस साल दोनों कीमती धातुओं में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 31 दिसंबर 2025 को जो सोना 1.33 लाख रुपये पर था, वह जनवरी के अंत में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. लेकिन तब से लेकर अब तक की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है:

  • सोना: 29 जनवरी 2026 को सोना ₹1,76,121 के अपने ऑल-टाइम हाई पर था. तब से अब तक यह करीब ₹28,000 सस्ता हो चुका है.
  • चांदी: 29 जनवरी 2026 को चांदी ₹3,85,933 के रिकॉर्ड स्तर पर थी. पिछले 135 दिनों के भीतर चांदी ₹1.43 लाख प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है.

आखिर क्यों गिर रहे हैं दाम? बाजार के 2 मुख्य कारण

आमतौर पर देखा जाता है कि जब भी दुनिया में युद्ध या तनाव का माहौल होता है, तो लोग सोने को सबसे सुरक्षित मानकर उसमें निवेश करते हैं जिससे दाम बढ़ते हैं. लेकिन इस बार मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) संकट के बीच बाजार का गणित उल्टा चल रहा है:

  1. मेटल को छोड़कर ‘कैश’ पर बढ़ा भरोसा : मिडल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से निवेशक इस समय किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते. वे संकट के समय सोने-चांदी में पैसा फंसाने के बजाय अपनी होल्डिंग्स को बेचकर ‘कैश’ (लिक्विड मनी) अपने पास रख रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उसका इस्तेमाल किया जा सके.
  2. बड़े निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग : जनवरी के महीने में सोने और चांदी की कीमतें अपने चरम (आल टाइम हाई) पर पहुंच गई थीं. ऐसे में बड़े निवेशकों और फंड हाउसों ने ऊंचे दामों पर अपना सोना-चांदी बेचकर मुनाफा कमाना (प्रॉफिट बुकिंग) शुरू कर दिया. बाजार में अचानक सप्लाई बढ़ने से कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है.

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