Gold-Silver Price : अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर महत्वपूर्ण है. 3 जुलाई 2026 को लगातार चौथे कारोबारी दिन सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोना 3,104 रुपये महंगा होकर 10 ग्राम के लिए 1,46,107 रुपये पर पहुंच गया है.
वहीं चांदी की कीमत में 4,504 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. अब सवाल यह है कि कीमतें इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही हैं, आगे क्या हो सकता है और क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा? आइए विस्तार से समझते हैं.
आज सोना और चांदी का भाव कितना है?
| धातु | 2 जुलाई | 3 जुलाई | बदलाव |
|---|---|---|---|
| 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | ₹1,43,003 | ₹1,46,107 | +₹3,104 |
| चांदी (1 किलो) | ₹2,28,850 | ₹2,33,354 | +₹4,504 |
चार दिनों में कितनी बढ़ी कीमत?
पिछले चार कारोबारी दिनों में.
| धातु | कुल बढ़ोतरी |
|---|---|
| सोना | ₹4,686 |
| चांदी | ₹13,374 |
यह तेजी बताती है कि कीमती धातुओं में खरीदारी का रुझान मजबूत बना हुआ है.
इस सप्ताह सोने और चांदी की चाल
| तारीख | सोना (10 ग्राम) | चांदी (1 किलो) |
|---|---|---|
| 3 जुलाई | ₹1,46,107 | ₹2,33,354 |
| 2 जुलाई | ₹1,43,003 | ₹2,28,850 |
| 1 जुलाई | ₹1,41,632 | ₹2,25,430 |
| 30 जून | ₹1,41,286 | ₹2,25,425 |
लगातार चार दिनों की तेजी से साफ है कि बाजार में फिलहाल बुलिश ट्रेंड बना हुआ है.
इस साल सोना और चांदी कितने महंगे हुए?
2026 की शुरुआत से अब तक.
| धातु | साल की शुरुआत | मौजूदा कीमत | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| सोना | ₹1,33,199 | ₹1,46,107 | ₹12,908 |
| चांदी | ₹2,30,420 | ₹2,33,354 | ₹2,934 |
हालांकि साल के दौरान दोनों धातुओं में काफी उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला.
इस साल का ऑल टाइम हाई कितना रहा?
2026 में सोना 29 जनवरी को लगभग ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था. चांदी ने लगभग ₹3.86 लाख प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था. यानी मौजूदा कीमतें रिकॉर्ड स्तर से नीचे हैं, लेकिन फिर भी ऊंचे दायरे में बनी हुई हैं.
सोना और चांदी महंगे क्यों हो रहे हैं?
कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं.
- Import Duty में बढ़ोतरी : केंद्र सरकार ने मई 2026 में सोना और चांदी पर Import Duty 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी. अब 10 प्रतिशत Basic Customs Duty और 5 प्रतिशत Agriculture Infrastructure and Development Cess (AIDC). मिलाकर कुल प्रभावी शुल्क 15 प्रतिशत हो गया है. इससे आयात महंगा हुआ और घरेलू बाजार में कीमतों पर असर पड़ा.
- विदेशी ज्वेलरी आयात पर सख्ती : सरकार ने सोने, चांदी और प्लेटिनम के आभूषणों को Free Category से हटाकर Restricted Category में डाल दिया है. अब विदेश से ज्वेलरी आयात करने के लिए विशेष लाइसेंस की जरूरत होगी. इससे बाजार में सप्लाई प्रभावित होने की संभावना बढ़ी है.
स्थानीय मांग : शादी-ब्याह और त्योहारों के मौसम की तैयारी के चलते कई क्षेत्रों में मांग बढ़ रही है.
ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक : ज्वेलर्स जिस कीमत पर पहले सोना खरीद चुके होते हैं, उसी के आधार पर खुदरा कीमतें भी प्रभावित होती हैं.
ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा लागत : एक शहर से दूसरे शहर सोना पहुंचाने की लागत भी अंतिम कीमत को प्रभावित करती है.
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?
कई लोग सोचते हैं कि पूरे देश में सोने का भाव एक जैसा होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता.
मुख्य कारण.
- Transport Cost.
- Security Cost.
- स्थानीय मांग और सप्लाई.
- राज्य के टैक्स और शुल्क.
- Local Jewellery Association द्वारा तय किए गए स्थानीय रेट.
- ज्वेलर्स की खरीद लागत.
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