1 जुलाई को सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, जून में निवेशकों को लगा झटका, जानें वजह

Gold Price Crash : 1 जुलाई को एमसीएक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जून में सोना करीब 15 हजार और चांदी 38 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। जानिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व, मजबूत डॉलर और अन्य कारणों से क्यों लगातार टूट रहे हैं सोने-चांदी के दाम.

By Abhishek Pandey | July 1, 2026 4:32 PM

Gold Price Crash : बुधवार, 1 जुलाई को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई. कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बढ़ती उम्मीदों के बीच दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला.

एमसीएक्स पर सोना-चांदी के भाव में तेज गिरावट

शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर अगस्त वायदा सोना करीब 1% टूटकर 1,41,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा. वहीं सितंबर वायदा चांदी में इससे भी बड़ी गिरावट रही और इसका भाव 2% से अधिक फिसलकर 2,23,850 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया.

जून में सोना 15 हजार और चांदी 38 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती

पूरे जून महीने के दौरान भी सोना और चांदी लगातार दबाव में रहे. एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार, जून में भारत में सोने का हाजिर भाव करीब 15,100 रुपये (लगभग 10%) घटकर 1,40,864 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गया. वहीं चांदी की कीमतों में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली. जून में चांदी का भाव करीब 38,250 रुपये (लगभग 15%) टूटकर 30 जून को 2,25,125 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ.

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी?

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित सख्त मौद्रिक नीति मानी जा रही है. बाजार में उम्मीद है कि मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था और बढ़ते डॉलर के कारण फेडरल रिजर्व इस साल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है. फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की अगली बैठक 28-29 जुलाई को प्रस्तावित है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है.

डॉलर की मजबूती भी बनी बड़ी वजह

अमेरिकी डॉलर में लगातार मजबूती आने से भी सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. जून के दौरान डॉलर इंडेक्स 2% से अधिक बढ़कर करीब 101.35 तक पहुंच गया. डॉलर मजबूत होने से रुपये समेत अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग कमजोर पड़ती है और कीमतों में गिरावट आती है.

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी और डॉलर मजबूत रहेगा, तब तक सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमतों में आई यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है.

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