[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business एक साल में तेजी से बढ़ी गौतम अदाणी की संपत्ति, 284 अमीरों के पास जीडीपी के 33% के बराबर धन

एक साल में तेजी से बढ़ी गौतम अदाणी की संपत्ति, 284 अमीरों के पास जीडीपी के 33% के बराबर धन

0
एक साल में तेजी से बढ़ी गौतम अदाणी की संपत्ति, 284 अमीरों के पास जीडीपी के 33% के बराबर धन
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी.

Gautam Adani: भारत के 284 अरबपतियों के पास कुल संपत्ति देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का एक-तिहाई हिस्सा है! ‘हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, इन अमीरों की कुल संपत्ति 98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 10% ज्यादा है. रिपोर्ट में बताया गया है कि अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की संपत्ति में तेजी से बढ़ोतरी हुई है.

अदाणी-अंबानी की दौलत

गौतम अदाणी की संपत्ति में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई. पिछले साल के मुकाबले 1 लाख करोड़ रुपये की उछाल के साथ उनकी कुल नेटवर्थ 8.4 लाख करोड़ रुपये हो गई. मुकेश अंबानी की संपत्ति में 13% की गिरावट आई. फिर भी, 8.6 लाख करोड़ रुपये के साथ एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए.

देश में अरबपतियों की बाढ़

भारत में अरबपतियों की औसत संपत्ति 34,514 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि चीन में यह 29,027 करोड़ रुपये है. भारत ने इस मामले में चीन को भी पीछे छोड़ दिया. 175 भारतीय अरबपतियों की संपत्ति बढ़ी, जबकि 109 की घट गई या स्थिर रही.

भारत की सबसे अमीर महिला कौन?

रोशनी नादर भारत की सबसे अमीर महिला और दुनिया की 5वीं सबसे अमीर महिला बन गई हैं. इनकी कुल संपत्ति 3.5 लाख करोड़ रुपये है.

कौन हैं भारत के सबसे युवा अरबपति?

रेजरपे के शशांक कुमार और हर्षिल माथुर सबसे युवा भारतीय अरबपति बन गए हैं. इनकी कुल संपत्ति 8,643 करोड़ रुपये है.

इसे भी पढ़ें: UNICEF YuWaah: महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाएगा यूनिसेफ युवाह, झारखंड-ओडिशा से पायलट पहल की शुरुआत

किसके पास कितना?

भारत में अरबपतियों की औसत उम्र 68 साल है, जो दुनिया के अरबपतियों की औसत उम्र (66 साल) से दो साल ज्यादा है. अमीर और अमीर हो रहे हैं और आम जनता महंगाई की मार झेल रही है.

इसे भी पढ‍़ें: ईद-सरहुल के दिन भी आप फाइल कर सकते हैं आईटीआर, 29-31 मार्च को खुले रहेंगे आयकर विभाग के ऑफिस

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article पर्यवेक्षण गृह के शिक्षकों को किया गया सम्मानित
Next article Video: इस जिले में घूम रहा बाघ, गड़गड़ाहट से दहला इलाका, दहशत में लोग
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel