[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business हिंडनबर्ग रिसर्च मामले में गौतम अदाणी को बड़ी राहत, सेबी ने आरोपों से किया बरी

हिंडनबर्ग रिसर्च मामले में गौतम अदाणी को बड़ी राहत, सेबी ने आरोपों से किया बरी

0
हिंडनबर्ग रिसर्च मामले में गौतम अदाणी को बड़ी राहत, सेबी ने आरोपों से किया बरी
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी.

Adani Hindenburg Case: भारत के अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी और अदाणी ग्रुप को हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों में क्लीन चिट मिल गया है. गौतम अदाणी और उनकी कंपनियों को लंबे समय से विवादों में उलझाने वाले हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों पर अब विराम लग गया है. बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अदाणी ग्रुप को सभी आरोपों से बरी कर दिया है और साफ कर दिया कि समूह ने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया.

सेबी का फैसला

सेबी ने गुरुवार को दो अलग-अलग आदेश जारी किए, जिनमें स्पष्ट किया गया कि अदाणी ग्रुप द्वारा किए गए लेन-देन उस समय कानून के दायरे में थे. सेबी ने कहा कि 2021 से पहले की परिभाषा में कई प्रकार के लेन-देन “संबंधित पक्ष” के दायरे में नहीं आते थे, इसलिए उन्हें उल्लंघन नहीं माना जा सकता.

आरोपों की पृष्ठभूमि

अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने जनवरी 2023 में आरोप लगाया था कि अदाणी समूह ने तीन कंपनियों (एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज, माइलस्टोन ट्रेडलिंक्स और रेहवर इन्फ्रास्ट्रक्चर) का इस्तेमाल कर धन का लेन-देन किया. आरोप था कि इन कंपनियों के जरिए अदाणी ग्रुप ने पैसा इधर-उधर कर संबंधित पक्ष लेन-देन को छिपाने की कोशिश की. हिंडनबर्ग का दावा था कि इससे निवेशकों को गुमराह किया गया और पारदर्शिता पर सवाल उठे.

सेबी की जांच और निष्कर्ष

नियामक ने गहन जांच के बाद पाया कि सभी कर्ज ब्याज सहित चुका दिए गए थे और किसी भी कंपनी से धन की निकासी नहीं हुई. इसलिए इसे धोखाधड़ी या अनुचित व्यापार व्यवहार नहीं माना जा सकता. सेबी ने यह भी कहा कि जिन लेन-देन पर सवाल उठाए गए, वे उस समय की कानूनी परिभाषा के अनुरूप थे और 2021 के संशोधन के बाद ही उनका दायरा विस्तृत हुआ.

इसे भी पढ़ें: खुशखबरी! इनकम टैक्स ने भेजना शुरू कर दिया रिफंड, आपका आया क्या? चेक करें खाता

अदाणी ग्रुप को बड़ी राहत

सेबी के इस फैसले से अदाणी ग्रुप को बड़ी राहत मिली है. अब ग्रुप के खिलाफ शुरू की गई सभी कार्यवाहियां रद्द कर दी गई हैं. इससे अदाणी की बाजार साख को मजबूती मिलेगी और निवेशकों का भरोसा भी बहाल होने की संभावना है.

इसे भी पढ़ें: फेडरल रिजर्व ने इंट्रेस्ट रेट में की कटौती तो अब क्या करेगा आरबीआई? जानें एक्सपर्ट की राय

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article रेल इंजन कारखाना जमालपुर ने एक बार फिर रचा इतिहास
Next article आयुष्मान आरोग्य मंदिर का शुभारंभ
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel