दूध बेचने वालों को लेना होगा लाइसेंस, नहीं तो बंद करना होगा कारोबार

FSSAI Registration Milk Producers: 11 मार्च को जारी एडवाइजरी में FSSAI ने कहा कि कई जगहों पर यह पाया गया है कि कुछ दूध उत्पादक और दूध बेचने वाले लोग बिना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के ही कारोबार कर रहे हैं. ऐसे में अब उन्हें नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा.

By Abhishek Pandey | March 13, 2026 11:53 AM

FSSAI Registration Milk Producers: भारत में दूध की बिक्री को लेकर अब नियम और सख्त किए जा रहे हैं. Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने दूध बेचने वाले उत्पादकों और वेंडरों के लिए नई सलाह जारी की है. इसके तहत जो दूध उत्पादक किसी डेयरी सहकारी समिति के सदस्य नहीं हैं और जो लोग सीधे दूध बेचते हैं, उन्हें अब अपना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेना जरूरी होगा.

बिना लाइसेंस दूध बेचने पर चिंता

11 मार्च को जारी एडवाइजरी में FSSAI ने कहा कि कई जगहों पर यह पाया गया है कि कुछ दूध उत्पादक और दूध बेचने वाले लोग बिना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के ही कारोबार कर रहे हैं. ऐसे में अब उन्हें नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा.

किन लोगों को नहीं कराना होगा रजिस्ट्रेशन

जो किसान डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी के सदस्य हैं और अपना पूरा दूध उसी सोसाइटी को देते हैं, उन्हें अलग से FSSAI में रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी. FSSAI ने कहा कि हाल के समय में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से दूध में मिलावट के मामले सामने आए हैं.

इसी वजह से सरकार ने नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को बिना मिलावटी दूध मिल सके.केंद्र और राज्य सरकार के फूड सेफ्टी अधिकारियों को कहा गया है कि वे यह जांच करें कि दूध बेचने वाले उत्पादकों और वेंडरों के पास वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या लाइसेंस है या नहीं. अगर कोई नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

दूध स्टोरेज पर भी निगरानी

सिर्फ लाइसेंस ही नहीं, बल्कि दूध के स्टोरेज पर भी ध्यान दिया जाएगा. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे दूध रखने वाले चिलर और स्टोरेज सिस्टम की समय-समय पर जांच करें, ताकि सही तापमान बना रहे और दूध खराब न हो. FSSAI ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे स्पेशल रजिस्ट्रेशन अभियान चलाएं, ताकि जो दूध उत्पादक और विक्रेता अभी तक रजिस्टर नहीं हैं, वे जल्दी से जल्दी अपना लाइसेंस ले सकें. FSSAI ने यह भी याद दिलाया कि 16 दिसंबर 2025 को भी दूध और दूध से बने उत्पादों की नियमित जांच के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था और अधिकारियों को हर महीने दो बार कार्रवाई की रिपोर्ट भेजनी होती है.

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