[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar लॉकडाउन के कारण शुरुआती चार महीनों में ही बजट अनुमान को लांघ गया राजकोषीय घाटा

लॉकडाउन के कारण शुरुआती चार महीनों में ही बजट अनुमान को लांघ गया राजकोषीय घाटा

0
लॉकडाउन के कारण शुरुआती चार महीनों में ही बजट अनुमान को लांघ गया राजकोषीय घाटा

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा लॉकडाउन के कारण कमजोर राजस्व संग्रह के चलते वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों (अप्रैल- जुलाई) में ही पूरे साल के बजट अनुमान को पार कर गया है. महालेखा नियंत्रक (सीजीए) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जुलाई के दौरान राजकोषीय घाटा इसके वार्षिक अनुमान की तुलना में 103.1 फीसदी यानी 8,21,349 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. एक साल पहले इन्हीं चार महीनों की अवधि में यह वार्षिक बजट अनुमान का 77.8 फीसदी रहा था. सरकार का राजकोषीय घाटा उसके कुल खर्च और राजस्व के बीच का अंतर होता है. पिछले साल अक्ट्रबर में यह वार्षिक लक्ष्य से ऊपर निकल गया था.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में राजकोषीय घाटे के 7.96 लाख करोड़ रुपये यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है. कोरोना वायरस महामारी के फैलने से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए इन आंकड़ों को संशोधित करना पड़ा.

कोराना वायरस की वजह से लागू किये गये लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियों में काफी व्यवधान खड़ा हुआ. केंद्र सरकार ने 25 मार्च 2020 से पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया था, ताकि कोविड- 19 के प्रसार पर अंकुश लगाया जा सके. इसके बाद मई से धीरे-धीरे लॉकडाउन में ढील दी जाने लगी.

पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में राजकोषीय घाटा देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले सात साल के उच्चस्तर 4.6 फीसदी पर पहुंच गया. वर्ष के दौरान राजस्व प्राप्ति कमजोर रही, जो कि मार्च आते-आते और कमजोर पड़ गयी.

महालेखा नियंत्रक के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों के दौरान सरकार की राजस्व प्राप्ति 2,27,402 करोड़ रुपये रही. यह राशि वर्ष के बजट के वार्षिक लक्ष्य का 11.3 फीसदी है. पिछले साल इसी अवधि में कुल राजस्व प्राप्ति बजट अनुमान का 19.5 फीसदी रही थी.

अप्रैल से जुलाई के दौरान कर राजस्व 2,02,788 करोड़ रुपये यानी बजट अनुमान का 12.4 फीसदी रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह बजट अनुमान का 20.5 फीसदी रहा था. आलोच्य अवधि में सरकार की कुल प्राप्ति 2,32,860 करोड़ रुपये रही, जो कि बजट अनुमान का 10.4 फीसदी रही.

सरकार ने बजट में वित्त वर्ष 2020- 21 के दौरान कुल 22.45 लाख करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान लगाया है. वहीं, जुलाई के अंत तक सरकार का कुल व्यय 10,54,209 करोड़ रुपये यानी बजट में पूरे वित्त वर्ष के दौरान होने वाले खर्च का 34.7 प्रतिशत तक पहुंच गया. हालांकि, इससे पिछले वर्ष इसी अवधि में कुल व्यय पूरे साल के बजट अनुमान का 34 प्रतिशत था.

Also Read: कोविड-19 महामारी में भी खुदरा महंगाई ने इंडस्ट्रियल वर्कर्स की तोड़ी कमर, बढ़ती कीमतों के कारण बदहाल रहे लोग

Posted By : Vishwat Sen

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article प्रणब मुखर्जी के निधन पर यूपी की राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया
Next article पतंग के सहारे हवा में उड़ी बच्ची को देखकर उड़ जाएंगे आपके होश, देखिए वायरल VIDEO
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel