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Home Business FID Fraud: साइबर ठगी के शिकार हुए हजारों निवेशक! करोड़ों रुपये लेकर कंपनी फरार, जांच में जुटी पुलिस

FID Fraud: साइबर ठगी के शिकार हुए हजारों निवेशक! करोड़ों रुपये लेकर कंपनी फरार, जांच में जुटी पुलिस

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FID Fraud: साइबर ठगी के शिकार हुए हजारों निवेशक! करोड़ों रुपये लेकर कंपनी फरार, जांच में जुटी पुलिस
साइबर ठगी के शिकार हुए हजारों निवेशक

FID Fraud: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश के हजारों निवेशकों को फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग (एफआईडी) की ओर से करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया है. यह पी2पी (पीयर-टू-पीयर) वेब प्लेटफ़ॉर्म था, जो निवेशकों को बंपर रिटर्न देने का वादा करके धोखाधड़ी कर रहा था.

कैसे हुआ घोटाला?

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, एफआईडी ने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया कि वे स्थापित कंपनियों के अवैतनिक चालान को नकद में बदलकर निवेश पर 24% तक का रिटर्न देंगे. इस आकर्षक ऑफर के चलते हजारों निवेशकों ने इस प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी जीवनभर की कमाई लगा दी. रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2025 से कंपनी ने भुगतान में देरी करनी शुरू कर दी और अंत में 10 फरवरी को बोरिया-बिस्तर समेटकर अपना कार्यालय अचानक बंद कर दिया.

निवेशकों को लगा बड़ा झटका

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि घोटाला उजागर होने के बाद कंपनी के हैदराबाद के हाई-टेक सिटी स्थित मुख्य कार्यालय को बंद कर दिया गया है. नाराज निवेशकों ने जब अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो उन्हें केवल कार्यालय के दरवाजे पर एक नोट मिला. निवेशकों की शिकायत पर हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली, रोहतक और कोयंबटूर सहित कई शहरों में पुलिस में मामले दर्ज किए गए हैं. अभी तक 60 निवेशकों ने कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की है, जिसमें करोड़ों रुपये के नुकसान की सूचना मिली है.

धोखाधड़ी के आरोप और पुलिस जांच

रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबराबाद पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन अमरदीप कुमार सहित 20 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात का केस दर्ज किया है. आरोपियों में योगेंद्र सिंह, आर्यन सिंह, अनिता कुमार सहित अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हैं.

निवेशकों को भारी नुकसान

रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के इस आकर्षक ऑफर के चक्कर में फंसकर एक डॉक्टर ने 5 करोड़ रुपये का नुकसान झेला. इसके अलावा, दिल्ली के चार निवेशकों ने 6 करोड़ रुपये गंवाने की शिकायत दर्ज कराई. बेंगलुरु के एक निवेशक ने 3 करोड़ रुपये से अधिक खो दिए. रोहतक के एक निवेशक ने 19 लाख रुपये गवां दिए. व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर 1,000 से अधिक निवेशक न्याय की मांग कर रहे हैं.

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आरोपियों की तलाश के लिए एसआईटी का गठन

पुलिस ने आरोपियों का पता लगाने के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है. यह जांच की जा रही है कि क्या आरोपी भारत में ही छिपे हुए हैं या विदेश भाग गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक फाल्कन के निवेशकों के लिए पैसे की वापसी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. पुलिस जांच जारी है और सरकार से निवेशकों को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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