[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business EPFO Rules Change: नए ईपीएफ खाते में ऑटोमेटिक ट्रांसफर हो जाएगा पैसा, 8 करोड़ कर्मचारियों को होगा फायदा

EPFO Rules Change: नए ईपीएफ खाते में ऑटोमेटिक ट्रांसफर हो जाएगा पैसा, 8 करोड़ कर्मचारियों को होगा फायदा

0
EPFO Rules Change: नए ईपीएफ खाते में ऑटोमेटिक ट्रांसफर हो जाएगा पैसा, 8 करोड़ कर्मचारियों को होगा फायदा
EPFO rules change

EPFO Rules Change: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने करीब 8 करोड़ सक्रिय सदस्यों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है. अब नौकरी बदलने पर ईपीएफ खाते की राशि ऑटोमेटिक नए खाते में ट्रांसफर हो जाएगी. पहले यह प्रक्रिया नियोक्ता की मंजूरी और मैन्युअल दावे पर निर्भर थी, लेकिन अब ऑटोमेटिक सिस्टम के जरिए यह ट्रांसफर सीधे ईपीएफओ द्वारा किया जाएगा. इससे कर्मचारियों को अब लंबी प्रक्रिया और एचआर के चक्कर लगाने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा.

नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत नहीं

पहले जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता था, तो उसे फॉर्म 13 भरकर पुराने नियोक्ता से सत्यापन करवाना पड़ता था. कई बार इस प्रक्रिया में हफ्तों या महीनों लग जाते थे, क्योंकि नियोक्ता की मंजूरी देर से मिलती थी. लेकिन, अब ईपीएफओ ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और डिजिटल बना दिया है. जब कोई कर्मचारी नई नौकरी ज्वाइन करता है और उसका नया नियोक्ता ज्वाइनिंग डेट अपडेट करता है, तो सिस्टम अपने आप ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कर देता है. नतीजतन, कर्मचारी को अब अलग से कोई दावा दर्ज करने या नियोक्ता से अनुमोदन लेने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे क्लेम प्रोसेसिंग टाइम में भारी कमी आई है.

जीवनभर के लिए एक ही यूएएन

ईपीएफओ ने अब यह सुनिश्चित किया है कि हर कर्मचारी के पास जीवनभर केवल एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) रहेगा. पहले प्रशासनिक त्रुटियों के कारण कई बार एक ही कर्मचारी के दो या अधिक यूएएन बन जाते थे, जिससे ट्रांसफर या निकासी में दिक्कतें आती थीं. अब सिस्टम इस तरह अपडेट किया गया है कि अगर किसी कर्मचारी का यूएएन पहले से मौजूद है, तो नया यूएएन बनने से रोक दिया जाएगा. आधार नंबर और ई-केवाईसी आधारित सत्यापन से यह सुनिश्चित किया गया है कि पुराना और नया पीएफ खाता एक ही यूएएन से जुड़ा रहेगा. इससे खातों को मर्ज करने की झंझट खत्म हो गई है.

आधार और ई-केवाईसी से नियोक्ता सत्यापन

पहले, ईपीएफ ट्रांसफर प्रक्रिया में सबसे बड़ी अड़चन थी. इसमें नियोक्ता के हस्ताक्षर का मेल न खाना, अधूरा केवाईसी या ज्वाइनिंग और एग्जिट डेट का बेमेल होना शामिल है. अब ईपीएफओ ने इसे पूरी तरह डिजिटाइज्ड और ऑटो-वेरिफाइड बना दिया है. अब ट्रांसफर प्रक्रिया में आधार-आधारित ई-साइन, केवाईसी ऑटो वेरिफिकेशन और एपीआई इंटीग्रेशन के जरिए नियोक्ता और ईपीएफओ सिस्टम के बीच रियल-टाइम डेटा एक्सचेंज होता है. पहले जहां ट्रांसफर को पूरा होने में 30 से 45 दिन लगते थे. वहीं, अब यह प्रक्रिया 7 से 10 दिनों में पूरी हो जाती है. कभी-कभी तो इससे भी जल्दी काम हो जाता है.

पासबुक में दिखेगा कम्बाइन्ड बैलेंस

पहले कर्मचारियों को यह जांचने के लिए पुरानी और नई दोनों ईपीएफ पासबुक की तुलना करनी पड़ती थी कि पैसा ट्रांसफर हुआ या नहीं. अब यह काम भी सिस्टम अपने आप कर देगा. जैसे ही ट्रांसफर पूरा होता है, पुरानी पासबुक में “जीरो बैलेंस” दिखेगा और नई पासबुक में कुल संयुक्त बैलेंस (कम्बाइन्ड बैलेंस) शो करेगा. इससे कर्मचारियों को अपने योगदान और ब्याज की निरंतरता देखने में आसानी होगी और निवेश ट्रैकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी.

नियोक्ता के लिए एग्जिट डेट अपडेट करना जरूरी

पहले ट्रांसफर प्रक्रिया में देरी का एक बड़ा कारण था कि पुराने नियोक्ता ने कर्मचारी की एग्जिट डेट अपडेट नहीं की होती थी. अब ईपीएफओ ने इसे अनिवार्य कर दिया है. अगर नियोक्ता तय समय सीमा में एग्जिट डेट अपडेट नहीं करता है, तो अब कर्मचारी खुद आधार ओटीपी के जरिए यह जानकारी दर्ज कर सकता है. सिस्टम इसे ऑटो वेरिफाई कर लेता है, जिससे ट्रांसफर में किसी प्रकार की देरी नहीं होती. यह बदलाव उन कर्मचारियों के लिए बेहद फायदेमंद है, जिनके पिछले नियोक्ता सहयोग नहीं करते थे.

ट्रांसफर के दौरान ब्याज मिलना जारी रहेगा

पहले अगर ट्रांसफर में कई महीने लग जाते थे, तो पुराने खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता था. इससे कर्मचारियों का ब्याज नुकसान होता था. ईपीएफओ ने अब स्पष्ट किया है कि ट्रांसफर पूरा होने तक ब्याज मिलता रहेगा, चाहे प्रक्रिया में समय लगे या न लगे. इससे यह सुनिश्चित होता है कि कर्मचारियों का रिटायरमेंट कॉरपस बिना किसी रुकावट के बढ़ता रहे.

इसे भी पढ़ें: Upcoming IPO: अगले हफ्ते शेयर बाजार में होंगे तीन धमाके, 11-12 नवंबर को आएगा 3 आईपीओ

नए सिस्टम से आएगी ट्रांसपैरेंसी

इन सभी परिवर्तनों का उद्देश्य कर्मचारियों को परेशानी-मुक्त, तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय ईपीएफ ट्रांसफर प्रक्रिया प्रदान करना है. अब नियोक्ता के स्तर की देरी, डेटा मैनुअल एंट्री और दस्तावेजी अड़चनों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. इसके साथ ही, ईपीएफओ के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधार इंटीग्रेशन से यह सुनिश्चित हुआ है कि सदस्य अपने रिटायरमेंट फंड पर पूरा नियंत्रण और सुरक्षा बनाए रखें.

इसे भी पढ़ें: 8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की सिर्फ सैलरी में ही नहीं होगी बढ़ोतरी, मिलेंगे कई और फायदे! जानें क्या?

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article आरओबी नहीं रहने से मैक्लुस्कीगंज के लोगों को बढ़ी परेशानी
Next article डिस्पैच सेंटर तैयार: 10 हजार से अधिक मतदान कर्मी आज चुनावी कार्य के लिए देंगे अपना योगदान
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel