Economic Survey 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 29 जनवरी 2026 को संसद में देश की कमाई और तरक्की का रिपोर्ट कार्ड यानी इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 पेश किया. रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए साफ कर दिया है कि भारत अब वैश्विक बाजार की उथल-पुथल से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. सर्वे की सबसे बड़ी हाईलाइट भारत और अमेरिका के बीच होने वाला व्यापार समझौता है, जिसके इसी साल (2026) पूरा होने की पूरी उम्मीद है.
क्यों अहम है यह डील?
पिछले एक साल से चल रही इस बातचीत के 6 राउंड सफल रहे हैं. इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, इस डील के होने से न सिर्फ भारत का एक्सपोर्ट बढ़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो अस्थिरता बनी हुई है, उसका असर भी कम होगा.
सर्वे की 3 बड़ी चेतावनियां और समाधान
आर्थिक सर्वे ने केवल अच्छी बातें ही नहीं बताईं, बल्कि उन जोखिमों से भी आगाह किया है जो भारत के ट्रेड को प्रभावित कर सकते हैं:
- दुनिया के कई बड़े देश अपने यहां टैरिफ बढ़ा रहे हैं, जिससे ग्लोबल ट्रेड मुश्किल हो रहा है. अमेरिका के साथ डील इस रुकावट को कम करेगी.
- विदेशी निवेश (Capital Flow) में जो अस्थिरता है, वह निवेशकों के हौसले पस्त कर सकती है. एक मजबूत डील निवेशकों को सुरक्षा का अहसास कराएगी.
- भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की अर्थव्यवस्था धीमी पड़ रही है. ऐसे में नई ट्रेड नीतियां ही भारत की ग्रोथ को बरकरार रख पाएंगी.
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