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Home Business एक चेक बाउंस आपको लगवा सकता है कोर्ट के चक्कर, जानें बचने का रास्ता

एक चेक बाउंस आपको लगवा सकता है कोर्ट के चक्कर, जानें बचने का रास्ता

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एक चेक बाउंस आपको लगवा सकता है कोर्ट के चक्कर, जानें बचने का रास्ता
चेक बाउंस लॉ (freepik)

Cheque Bounce Law: मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव को हाल ही में 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में 12 दिन तिहाड़ जेल में बिताने पड़े थे. अगर आप सोचते हैं कि चेक बाउंस होना सिर्फ बैंक की एक छोटी सी टेक्निकल इशू है, तो आप भी राजपाल यादव की तरह बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं. असल में, एक बाउंस चेक आपको सीधा कोर्ट के चक्कर कटवा सकता है और ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ की धारा 138 के तहत यह एक गंभीर अपराध माना जाता है. कानूनी जानकारों का कहना है कि इसे नजरअंदाज करना न केवल आपके बैंक खाते बल्कि आपके लिए भी मुसीबत बन सकता है.

Cheque Bounce: क्या वाकई जेल जाना पड़ता है?

लीगल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चेक बाउंस होने पर तुरंत जेल नहीं होती है, लेकिन यह मुमकिन जरुर है की आप जेल जांए. कोर्ट का पहला मोटिव पैसा वापस दिलाना होता है. ज्यादातर मामले तब सुलझ जाते हैं जब पैसा लेने वाला 15 दिनों के अंदर बकाया चुका देता है. लेकिन अगर कोई बार-बार पैसा देने से बचता है या धोखाधड़ी करता है, तो कोर्ट सख्त सजा सुना सकता है.

Cheque Bounce: 15 दिनों का नोटिस क्यों है जरूरी?

चेक बाउंस होने के बाद जब आपको बैंक या वकील से नोटिस मिले, तो उसे इग्नोर करना आपके लिए सबसे बड़ी गलती है. कानून आपको 15 दिन का समय देता है. अगर आप इस दौरान भुगतान कर देते हैं, तो केस खत्म हो सकता है. जानकारों का कहना है कि चुप रहने या जवाब न देने पर आपको चेक की रकम से दोगुना जुर्माना और कानूनी खर्चा भी भरना पड़ सकता है.

Cheque Bounce: बैंक और सिबिल स्कोर पर क्या असर होगा?

चेक बाउंस होने से सिर्फ कानूनी ही नहीं, बल्कि आर्थिक नुकसान भी होता है. बैंक हर बाउंस पर 500 रुपये से 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाते हैं. अगर मामला लोन की EMI का है, तो आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL) बुरी तरह गिर जाएगा. इससे भविष्य में नया लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है.

Cheque Bounce: क्या सिक्योरिटी चेक पर केस हो सकता है?

बहुत से लोगों को लगता है कि अगर उन्होंने किसी को गारंटी के तौर पर सिक्योरिटी चेक दिया है, तो बाउंस होने पर पुलिस या कोर्ट कुछ नहीं करेगी. लेकिन यह आपकी सबसे बड़ी गलतफहमी है. कानून की नजर में आपके साइन किए हुए हर चेक की पूरी वैल्यू होती है. अगर आपने किसी से उधार लिया है और गारंटी में दिया गया आपका चेक बाउंस हो जाता है, तो आप पर भी वैसा ही केस चलेगा जैसा किसी नॉर्मल चेक के बाउंस होने पर चलता है.

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