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Home Business Budget Suggestion: आयकर में असरदार कटौती से खपत बढ़ाने की जरूरत, 6 प्वाइंट में समझिए पूरी बात

Budget Suggestion: आयकर में असरदार कटौती से खपत बढ़ाने की जरूरत, 6 प्वाइंट में समझिए पूरी बात

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Budget Suggestion: आयकर में असरदार कटौती से खपत बढ़ाने की जरूरत, 6 प्वाइंट में समझिए पूरी बात
वित्तीय सेवा कंपनी बार्कलेज ने सरकार को दिया सुझाव.

Budget Suggestion: वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी बार्कलेज ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट के लिए अपने सुझाव दिए हैं. वित्तीय सेवा प्रदाता ने गुरुवार को कहा कि सरकार को व्यक्तिगत आयकर में ‘असरदार’ कटौती की घोषणा करनी चाहिए, ताकि खपत और मांग को बढ़ावा मिल सके.

बजट में सुझाव के महत्वपूर्ण बिंदु

  • आर्थिक वृद्धि का समर्थन: बार्कलेज के अनुसार, केंद्रीय बजट का मुख्य उद्देश्य राजकोषीय मजबूती के साथ आर्थिक वृद्धि को समर्थन देना है.
  • कर स्लैब की समीक्षा: बार्कलेज की मुख्य अर्थशास्त्री, आस्था गुडवानी ने सुझाव दिया है कि वित्त मंत्री को कर स्लैब में बदलाव करते हुए व्यक्तिगत आयकर दर में कटौती करनी चाहिए. इससे राजस्व में कमी का लाभ भी उठाया जा सकेगा.
  • व्यक्तिगत खपत को बढ़ावा: आस्था गुडवानी ने कहा कि खपत बढ़ाने की जरूरत है. खासकर जब निजी निवेश मांग में सुधार की प्रतीक्षा कर रहा है.
  • नई कर व्यवस्था में परिवर्तन: बार्कलेज को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नई कर व्यवस्था को अधिक आकर्षक बनाने के लिए आवश्यक बदलावों की घोषणा करेंगी.
  • ईंधन पर उत्पाद शुल्क कटौती: मुद्रास्फीति को नियंत्रित करते हुए खर्च-योग्य आय और क्रय शक्ति को बढ़ाने के लिए ईंधन के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती एक और विकल्प हो सकता है.
  • सीमा शुल्क की घोषणाएं: बजट में सीमा शुल्क की घोषणाएं अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के समय की सरकार की प्रतिक्रिया को समझने में महत्वपूर्ण होंगी.

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बार्कलेज का सुझाव क्यों है महत्वपूर्ण

बार्कलेज का यह सुझाव सरकार को खपत बढ़ाने, आर्थिक वृद्धि में सुधार करने और व्यक्तिगत करदाताओं के लिए अधिक कर लाभ प्रदान करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है. वित्त वर्ष 2025-26 का बजट इस दिशा में लिया गया फैसला महत्वपूर्ण होगा.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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