Budget Session Day 1: भारत का बजट सत्र आज से शुरू हो चुका है और इस बार दिल्ली का पारा राजनीति की वजह से काफी बढ़ा हुआ है. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों को संबोधित कर अपनी स्पीच से इसकी शुरुआत कर चुकी हैं. यह पूरा सत्र 65 दिनों तक चलेगा जिसमें कुल 30 सिटिंग्स होंगी. 13 फरवरी से 9 मार्च तक एक लंबा ब्रेक भी मिलेगा ताकि कमेटियां मंत्रालयों के खर्चों का हिसाब-किताब बारीकी से चेक कर सकें. इस दौरान सबसे ज्यादा नजरें 29 जनवरी को आने वाले इकोनॉमिक सर्वे और फिर 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026-27 पर टिकी हैं.
विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है?
राजनीति के गलियारों में हलचल तेज है क्योंकि इंडिया (INDIA) ब्लॉक ने अपनी अलग ही प्लानिंग कर रखी है. विपक्ष चाहता है कि पुरानी MGNREGA योजना को बदलकर नई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार’ (VB-G RAM G) पर बहस हो. कांग्रेस के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेता वोट चोरी और इलेक्टोरल रोल के रिवीजन जैसे गंभीर मुद्दों को उठाने के मूड में हैं. मणिकम टैगोर जैसे नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे धान की खरीद और रोजगार के मुद्दों पर सरकार को आसानी से नहीं छोड़ने वाले है.

क्या संसद का काम शांति से चल पाएगा?
सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मोर्चा संभाला हुआ है. उन्होंने सभी पार्टियों से गुजारिश की है कि सदन को शांति से चलने दें. रिजिजू का कहना है कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, बस वो नियमों के दायरे में होनी चाहिए.
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