Budget 2026 STT Hike: बजट 2026 में F&O ट्रेडिंग पर STT (Securities Transaction Tax) बढ़ाकर सरकार ने रिटेल सट्टेबाजी पर लगाम कसने की कोशिश की है. जहाँ फ्यूचर्स पर टैक्स 150% तक बढ़ा है, वहीं ऑप्शंस पर भी लागत बढ़ गई है. नितिन कामथ और शंकर शर्मा जैसे दिग्गजों की इस पर अलग-अलग राय है. जानिए यह आपकी जेब को कैसे प्रभावित करेगा.
क्या बदलाव हुए हैं? (आसान टेबल में समझें)
वित्त मंत्री ने इस बार टैक्स के गणित को काफी बदल दिया है. फ्यूचर्स और ऑप्शंस दोनों पर टैक्स की दरें बढ़ गई हैं.
| इंस्ट्रूमेंट (Instrument) | पुराना STT रेट | नया STT रेट | कितनी हुई बढ़त? |
| Futures (फ्यूचर्स) | 0.02% | 0.05% | 150% की भारी बढ़त |
| Options (प्रीमियम पर) | 0.1% | 0.15% | 50% की बढ़त |
| Options (एक्सरसाइज पर) | 0.125% | 0.15% | 20% की बढ़त |
मार्केट के दिग्गजों में छिड़ी बहस
नितिन कामथ (Zerodha के को-फाउंडर) का नजरिया
देश के सबसे बड़े ब्रोकरेज हाउस के मालिक नितिन कामथ ने सरकार के इस लॉजिक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने X (ट्विटर) पर लिखा.
- अजीब गणित: सट्टेबाजी सबसे ज्यादा ‘ऑप्शंस’ में होती है (कुल ट्रेड का 95%), लेकिन सरकार ने सबसे ज्यादा टैक्स ‘फ्यूचर्स’ पर बढ़ाया है.
- ट्रेडिंग होगी मुश्किल: कामथ का मानना है कि जब ट्रांजेक्शन कॉस्ट (टैक्स का खर्चा) बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो ट्रेडिंग करना ‘अनवायबल’ (घाटे का सौदा) हो जाता है.
शंकर शर्मा (दिग्गज निवेशक) का कड़ा रुख
वहीं दूसरी ओर, शंकर शर्मा ने सरकार के इस कदम को सही ठहराया है. उन्होंने इसे एक सामाजिक समस्या बताया.
- खतरनाक लत: उन्होंने F&O ट्रेडिंग की तुलना “जहर और कोकीन” के मिश्रण से की, जो युवाओं के भविष्य को खोखला कर रही है.
- पैसे का ट्रांसफर: उनके अनुसार, यह सिर्फ ट्रेडर्स का पैसा छीनकर बड़े ब्रोकर्स की जेब में डालने का एक जरिया बन गया था, जिसे रोकना जरूरी था.
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