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Home Business Budget 2025: इस बार के बजट में दिल्ली रहेगी खाली हाथ, जानें क्यों?

Budget 2025: इस बार के बजट में दिल्ली रहेगी खाली हाथ, जानें क्यों?

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Budget 2025: इस बार के बजट में दिल्ली रहेगी खाली हाथ, जानें क्यों?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (बाएं) और आम आदमी पार्टी के संरक्षक अरविंद केजरीवाल (दाहिने).

Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को संसद में बजट पेश करेंगी. लेकिन, इस बार के सालाना आम बजट में दिल्ली को कुछ नहीं मिलेगा और वह खाली हाथ रह जाएगी. यह बजट दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक चार दिन पहले आ रहा है. चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, बजट में दिल्ली से संबंधित कोई विशेष घोषणा नहीं की जाएगी, ताकि चुनावी निष्पक्षता बनी रहे. हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर की गई घोषणाओं का अप्रत्यक्ष लाभ दिल्ली को मिल सकता है.

दिल्ली के लिए संभावित घोषणाएं

  • मध्यम वर्ग के लिए राहत: आयकर छूट सीमा में वृद्धि की संभावनाएं हैं, जिससे दिल्ली के निवासियों को सीधा लाभ मिल सकता है.
  • महिलाओं के लिए योजनाएं: केंद्र सरकार महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार कर सकती है.
  • छोटे व्यवसायों के लिए प्रोत्साहन: दिल्ली के व्यापारी और स्टार्टअप समुदाय को अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है.
  • शिक्षा और स्वास्थ्य: दिल्ली सरकार की मांगों के अनुरूप शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट आवंटन में वृद्धि हो सकती है.

मुख्यमंत्री केजरीवाल की 7 मांगें

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से आयकर छूट बढ़ाने, रोजगार सृजन, और शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ाने की अपील की है. इसके अलावा, मध्यम वर्ग के लिए विशेष राहत पैकेज की भी मांग की गई है.

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क्या नहीं मिलेगा दिल्ली को?

केंद्र सरकार की ओर से बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा और इसके ठीक चार दिन बाद 5 फरवरी को दिल्ली में विधानसभा चुनाव होना है. इसलिए निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बजट में दिल्ली के लिए कोई भी विशेष प्रावधान नहीं होगा. इसलिए, दिल्ली के लिए सीधी घोषणाएं नहीं की जाएंगी और इस बार के बजट में दिल्ली खाली हाथ रह जाएगी. नई सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच दिल्ली के विकास के लिए विशेष योजनाओं पर चर्चा हो सकती है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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