Air india winter schedule flight: टाटा ग्रुप की अगुवाई वाली एअर इंडिया ने अपने ऑपरेशंस को लेकर एक कड़ा फैसला लिया है. एयरलाइन आगामी अक्टूबर के अंत से शुरू होने वाले ‘विंटर शेड्यूल’ में अपनी रोजाना की उड़ानों में 10% की कटौती करने जा रही है. इसका सीधा मतलब यह है कि हर दिन उड़ान भरने वाली 900 फ्लाइट्स में से अब करीब 100 उड़ानें आसमान में नजर नहीं आएंगी.
आखिर क्यों उड़ानों काट रही है एअर इंडिया ?
इस कटौती के पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं.
- महंगा ईंधन (ATF): जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है. किसी भी एयरलाइन के कुल खर्च का 40% हिस्सा अकेले ईंधन पर जाता है. ईंधन महंगा होने से कई लंबी दूरी के रूट्स अब घाटे का सौदा बन गए हैं.
- स्पेयर पार्ट्स का संकट: एअर इंडिया के करीब 30 बड़े विमान (Wide-body) पुर्जों और इंजन की कमी के कारण जमीन पर (Grounded) खड़े हैं. नए विमानों के ऑर्डर तो दे दिए गए हैं, लेकिन उनकी डिलीवरी में अभी वक्त है.
इन रूट्स पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
अगर आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. एअर इंडिया ने सबसे ज्यादा कैंची अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर चलाई है.
- उत्तरी अमेरिका और यूरोप: सैन फ्रांसिस्को, शिकागो और लंदन जैसे शहरों के लिए अब डेली फ्लाइट्स मिलना मुश्किल हो सकता है. जहाँ पहले रोजाना सर्विस थी, वहां अब हफ्ते में सिर्फ 4 या 5 दिन ही विमान उड़ेंगे.
- ऑस्ट्रेलिया: सिडनी जाने वाली फ्लाइट्स की संख्या में भी कमी की गई है.
- डोमेस्टिक रूट्स: घरेलू उड़ानों में भी बदलाव होगा. खास तौर पर ‘मेट्रो-टू-मेट्रो’ (जैसे दिल्ली-मुंबई) रूट्स पर जहां एक ही दिन में कई उड़ानें थीं, वहां फ्रीक्वेंसी कम की जाएगी.
क्या इससे यात्रियों को होगा कोई फायदा?
सुनने में यह कटौती बुरी लग सकती है, लेकिन एयरलाइन का दावा है कि इससे ‘ऑन-टाइम परफॉर्मेंस’ (OTP) में सुधार होगा. जब विमानों की संख्या कम होगी, तो एयरलाइन के पास ‘स्टैंडबाय’ विमान रहेंगे. अगर किसी विमान में तकनीकी खराबी आती है, तो दूसरे विमान को तुरंत भेजा जा सकेगा, जिससे फ्लाइट देरी से चलने या अचानक कैंसिल होने की समस्या कम होगी.
एक्सपर्ट की राय
एविएशन एनालिस्ट्स का मानना है कि टाटा ग्रुप के लिए यह ‘ग्रोथ’ और ‘प्रॉफिट’ के बीच तालमेल बिठाने की चुनौती है. पुराने बेड़े को मेंटेन करना और बढ़ते फ्यूल के बीच एयरलाइन को मुनाफे में लाना फिलहाल कंपनी की प्राथमिकता है.
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