[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business Ahmedabad Plane Crash: एयर इंडिया हादसे में पॉलिसी होल्डर्स के साथ नॉमिनी की भी मौत, किसे मुआवजा दें बीमा कंपनियां

Ahmedabad Plane Crash: एयर इंडिया हादसे में पॉलिसी होल्डर्स के साथ नॉमिनी की भी मौत, किसे मुआवजा दें बीमा कंपनियां

0
Ahmedabad Plane Crash: एयर इंडिया हादसे में पॉलिसी होल्डर्स के साथ नॉमिनी की भी मौत, किसे मुआवजा दें बीमा कंपनियां
Ahmedabad Plane Crash

Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद से 12 जून 2025 को लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान की भयावह दुर्घटना ने न केवल 270 लोगों की जान ली, बल्कि बीमा क्षेत्र में भी कई नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं. इस दुर्घटना में पॉलिसीधारक और उनके नामित व्यक्ति (नॉमिनी) दोनों की मौत के कई मामले सामने आए हैं, जिससे बीमा कंपनियों को दावों के निपटान में असमंजस का सामना करना पड़ रहा है.

असमंजस में बीमा कंपनियां

इस हादसे के बाद प्रमुख बीमा कंपनियों एलआईसी, एचडीएफसी लाइफ, टाटा एआईजी, इफ्को टोकियो और बजाज आलियांज को कई ऐसे मामले मिले हैं, जहां बीमा पॉलिसी तो है, लेकिन नॉमिनी की भी इस हादसे में मौत हो चुकी है. इससे यह तय करना मुश्किल हो गया है कि मुआवजा किसे दिया जाए. बीमा कंपनियों के अनुसार, आम तौर पर यदि बीमाधारक की मौत होती है और नॉमिनी जीवित हो, तो प्रक्रिया आसान होती है. लेकिन, जब दोनों नहीं रहे, तब उत्तराधिकार प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है, जिससे प्रक्रिया लंबी और पेचीदा हो जाती है. ऐसे में बीमा कंपनियां असमंजस में दिखाई दे रही हैं.

Ahmedabad Plane Crash: इरडा की सक्रियता और निर्देश

इस बीच, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने बीमा कंपनियों को सलाह दी है कि वे मृतकों की सूची को अपने डेटा से मिलाएं और जल्द से जल्द दावों का निपटान करें. साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि तकनीकी औपचारिकताओं के कारण किसी दावे को रोका या टाला न जाए. इसके बाद बीमा कंपनियों ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल में सहायता केंद्र खोल दिए हैं.

जब पॉलिसी होल्डर और नॉमिनी दोनों नहीं रहे

एलआईसी के अधिकारी आशीष शुक्ला ने बताया कि एक मामला ऐसा आया है, जहां पॉलिसी होल्डर और उसका नॉमिनी जीवनसाथी दोनों की मौत हो गई. ऐसे मामलों में अब श्रेणी-1 के उत्तराधिकारियों (बच्चे या रक्त संबंधी) को तलाशा जा रहा है. यदि कई बच्चे हैं, तो सभी से संयुक्त घोषणा-पत्र और क्षतिपूर्ति बॉन्ड लिया जा रहा है, ताकि दावा निपटाया जा सके. यह प्रक्रिया सामान्य परिस्थितियों से अलग और विशेष लचीलेपन के साथ अपनाई जा रही है.

Ahmedabad Plane Crash: कानूनी टीम की भूमिका बढ़ी

टाटा एआईजी के अधिकारी निश्चल बुच ने कहा कि उनकी कंपनी को ऐसे सात दावे प्राप्त हुए हैं, जिनमें से एक में पॉलिसीधारक और नॉमिनी दोनों की मौत हो गई. इन मामलों में कंपनी की लीगल टीम इस बात की जांच कर रही है कि क्या उत्तराधिकारियों से एक संयुक्त घोषणा लेकर दावा निपटाया जा सकता है. इफ्को टोकियो के क्लेम मैनेजर मनप्रीत सभरवाल ने बताया कि उनकी कंपनी से बीमा कराने वाली एक कंपनी के निदेशक और उनकी पत्नी दोनों ही विमान दुर्घटना में मारे गए, जिससे दावा प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है.

इसे भी पढ़ें: शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख पाया शेयर बाजार, 138.64 अंक टूटकर सेंसेक्स धड़ाम

बीमा प्रणाली में लचीलापन जरूरी

इस हादसे ने यह स्पष्ट किया है कि बीमा क्षेत्र को ऐसी आपात स्थितियों के लिए लचीली और मानव-केंद्रित नीति तैयार करनी होगी. केवल कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता से न केवल दावेदारों को परेशानी होती है, बल्कि बीमा कंपनियों की छवि भी प्रभावित होती है.

इसे भी पढ़ें: Luxury Brands: मंदी की आहट में अमीरी का ठाठ! लग्जरी ब्रांड्स की बल्ले-बल्ले

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article मत्स्यगंधा झील का डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण
Next article Bihar News: बेगूसराय के बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से चार की मौत, एक दूसरे को बचाने के चक्कर में सभी डूबे
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel