[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business अफगानिस्तान ने भारत के लिए खोला सोने का खजाना, खनन पर निवेशकों को मिलेगी टैक्स में छूट

अफगानिस्तान ने भारत के लिए खोला सोने का खजाना, खनन पर निवेशकों को मिलेगी टैक्स में छूट

0
अफगानिस्तान ने भारत के लिए खोला सोने का खजाना, खनन पर निवेशकों को मिलेगी टैक्स में छूट
अफगानिस्तान ने सोने की खुदाई के लिए दिया न्योता.

Afghanistan Investments: अफगानिस्तान ने भारत सहित वैश्विक निवेशकों के लिए खनन क्षेत्र में बड़े अवसर खोल दिए हैं. अफगानिस्तान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी ने कहा कि उनकी सरकार सोने के खनन सहित नए क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को पांच साल की कर छूट देने को तैयार है. यह घोषणा भारत में एसोचैम की ओर से आयोजित एक परिचर्चा सत्र में की गई. अफगानिस्तान इस समय निवेश आकर्षित करने और आर्थिक आधार को पुनर्जीवित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है.

निवेशकों को मिलेगा कर लाभ

अफगान उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री नूरुद्दीन अजीजी ने कहा कि अफगानिस्तान में निवेशकों को न केवल टैक्स में राहत दी जाएगी, बल्कि जमीन, शुल्क सहायता और प्रशासनिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा, अफगानिस्तान में अपार संभावनाएं हैं. यहां आपको अधिक प्रतिस्पर्धियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. नए क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को पांच साल की कर छूट दी जाएगी. इसके अलावा, जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और सरकार प्रक्रिया को तेज बनाने में सहयोग करेगी. इसके साथ ही मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि यदि भारतीय कंपनियां निवेश के लिए मशीनरी आयात करती हैं, तो अफगानिस्तान केवल एक प्रतिशत आयात शुल्क ही वसूलेगा. यह भारतीय निवेशकों के लिए काफी आकर्षक प्रस्ताव माना जा रहा है.

सोने का खनन भारत के लिए सुनहरा मौका

मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी ने कहा कि अफगानिस्तान में सोने का खनन एक बड़ा संभावित क्षेत्र है, जिसका पूरा लाभ उठाने के लिए विशेषज्ञ कंपनियों और तकनीकी टीमों की आवश्यकता है. उन्होंने भारतीय कंपनियों से आग्रह किया कि वे अपनी टीमें भेजकर अन्वेषण एवं प्रारंभिक शोध करें. मंत्री ने कहा, हमें सोने के खनन के लिए तकनीकी और पेशेवर विशेषज्ञता की आवश्यकता है. इसलिए भारतीय कंपनियों को चाहिए कि वे अपने विशेषज्ञ दल भेजें, प्रारंभिक जांच करें और फिर खनन कार्य शुरू करें. हालांकि, इसके साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है कि खनिज का प्रसंस्करण अफगानिस्तान के भीतर ही होना चाहिए, ताकि स्थानीय रोजगार बढ़ सके और उद्योग को मजबूती मिले.

पाकिस्तान के साथ तनाव व्यापार को कर रहा प्रभावित

इस सत्र के दौरान नूरुद्दीन अजीजी ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान के साथ जारी तनाव व्यापारिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है. भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, कुछ छोटी-छोटी बाधाएं हैं, जो समग्र प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं, जैसे वीजा का मुद्दा, हवाई गलियारा और बैंकिंग लेनदेन. इनका हल निकालना बेहद जरूरी है ताकि द्विपक्षीय व्यापार को गति मिल सके.

भारत के साथ संबंधों को मजबूत करेगा अफगानिस्तान

अजीजी ने स्पष्ट कहा कि अफगानिस्तान भारत के साथ अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है. उन्होंने भारत सरकार के अधिकारियों की उपस्थिति में कहा कि वीजा, एयर कॉरिडोर और बैंकिंग जैसी चुनौतियों का समाधान होने से व्यापार कई गुना बढ़ सकता है. अफगानिस्तान इस समय निवेश आकर्षित करने के मिशन पर है और भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखता है. सोने के खनन के अलावा देश कृषि, उर्जा, व्यापारिक बुनियादी ढांचे और औद्योगिक परियोजनाओं में भी भारतीय निवेश का स्वागत कर रहा है.

इसे भी पढ़ें: आपके सिम कार्ड से की गई धोखाधड़ी तो आप भी होंगे जिम्मेदार, DoT ने जारी की चेतावनी

भारत यात्रा पर अफगान मंत्री

अलहाज नूरुद्दीन अजीजी इन दिनों छह दिन की भारत यात्रा पर हैं. इस दौरान वे विभिन्न उद्योग समूहों, सरकारी अधिकारियों और निवेशकों से मुलाकात करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच निवेश सहयोग को बढ़ाया जा सके. अफगानिस्तान के इस कदम को भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक संभावना माना जा रहा है, विशेषकर उन भारतीय उद्योगों के लिए जो खनन, तकनीक, मशीनरी और व्यापारिक विस्तार में रुचि रखते हैं.

भाषा इनपुट के साथ

इसे भी पढ़ें: Dharmendra Investment: 26 कंपनियों में निवेश और 120 करोड़ का फॉर्म हाउस, जानें धर्मेंद्र के प्रोडक्शन हाउस का टर्नओवर

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article Bihar: निरहुआ का करारा हमला- खेसारी सभा में गाली देगा, फोन पर माफी मांगेगा; उसे यदमुल्ला ना कहूं तो क्या कहूं 
Next article Siddaramaiah Vs DK Shivakumar: कर्नाटक कांग्रेस में खलबली, शिवकुमार समर्थक विधायकों ने दिल्ली में डाला डेरा
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel