जीएसटी बिल पर लोकसभा में बहस जारी, 55 नयी सेवाओं समेत निजी अस्पतालों में इलाज हो सकता है महंगा

नयी दिल्ली : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर बुधवार को लोकसभा में बहस शुरू हो गयी है. इस बीच खबर यह भी आ रही है कि देश में जीएसटी को लागू होने के बाद निजी अस्पतालों में लोगों को इलाज करना भारी पड़ेगा. इसके साथ ही, रेल से माल ढुलाई भी महंगा हो सकता […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 29, 2017 12:52 PM

नयी दिल्ली : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर बुधवार को लोकसभा में बहस शुरू हो गयी है. इस बीच खबर यह भी आ रही है कि देश में जीएसटी को लागू होने के बाद निजी अस्पतालों में लोगों को इलाज करना भारी पड़ेगा. इसके साथ ही, रेल से माल ढुलाई भी महंगा हो सकता है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जीएसटी सफलतापूर्वक लागू होने के बाद 55 से ज़्यादा नयी सेवाओं को कर के दायरे में लाने पर सरकार विचार कर सकती है.

सूत्रों का कहना है कि सरकार ने करीब 55 ऐसी सेवाओं को चिह्नित किया है, जिन्हें कर के दायरे में लाया जा सकता है. अभी तक ये सभी 55 सेवाएं कर के दायरे से बाहर हैं. सूत्रों के मुताबिक, निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर जीएसटी लग सकता है. सूत्रों का कहना है कि जीएसटी के बाद डॉक्टर की फीस, लैब में जांच कराने, फिजियोथिरेपिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ पर भी कर लग सकता है. खबर यह भी है कि एंबुलेंस सेवा लेने पर भी सेवा कर का भुगतान करना होगा. हालांकि, सरकारी अस्पताल जीएसटी के दायरे से बाहर रहेंगे.

चिकित्सा क्षेत्र के अलावा और कई सेवाएं जीएसटी के बाद महंगी हो सकती हैं. सूत्रों के अनुसार, सेबी और आईआरडीए की ओर से दी जाने वाली सेवाएं भी जीएसटी के दायरे में आ सकती है. रेल के जरिये माल ढुलाई पर जीएसटी लग सकता है. फलों, सब्जियों की पैकेजिंग पर जीएसटी लग सकता है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, भारत से बाहर टूर ऑपरेटर की सेवाओं, कचरा प्रबंधन, शिक्षा से जुड़ी सेवाएं, स्कूल में मिड डे मील और नृत्य, संगीत जैसे प्रशिक्षण की सेवाओं पर भी जीएसटी लगाने का प्रस्ताव है.

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