[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business वेतन का बोझ हल्का करने अरुण की शरण में प्रभु

वेतन का बोझ हल्का करने अरुण की शरण में प्रभु

0
वेतन का बोझ हल्का करने अरुण की शरण में प्रभु

नयी दिल्ली : रेलवे की खराब सेहत को ठीक करने में जुटे रेलमंत्री सुरेश प्रभु काे अब एक नयी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. वह चुनौती है, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर रेलवे पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ. ऐसे में रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने वित्तमंत्री अरुण जेटली से मदद की गुहार लगायी है. रेलवे ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों सेपड़ने वाले वित्तीय बोझ से निपटने के लिए वित्त मंत्रालय से लगभग 32000 करोड़ रुपये के वित्तीय अनुदान की मांग की है.

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने रेलवे की मौजूदा वित्तीय स्थिति, लागत में कटौती के प्रयासों तथा वित्तीय बोझ के लिहाज से किरायों के संभावित समायोजन तथा अन्य गैर शुल्क दर राजस्व कदमों का जिक्र किया है. इसके साथ ही वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन में सरकारी खजाने से मदद का आग्रह किया है.

रेल मंत्रालय ने पत्र में लिखा है,‘इस लिहाज से मैं आपसे रेल मंत्रालय की मदद और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशाें के कार्यान्यवन में इसके सहयोग का आग्रह करता हूं. ‘ उन्होंने कहा है,‘यह कोचिंग सेवाओं के लिए नुकसान : 2013-14 में 31,727 करोड रुपये: की भरपाई के जरिए या राजस्व मदद केरूप में, वेतन आयोग मद में रेलवे के समक्ष अगले तीन चार साल के लिए देनदारी को पूरा करते हुए किया जा सकता है. ‘ प्रभु ने उम्मीद जतायी है कि उक्त 3-4 साल में रेलवे अपने संसाधनों से वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन को वहन करने की स्थिति में होगी. इस दिशा में वह किरायों के क्रमिक समायोजन व अन्य गैर-शुल्क राजस्व कदम उठा रही है.

हालांकि रेल मंत्री ने मौजूदा परिदृश्य में किराया बढाने को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और कहा है कि इससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर ‘घातक असर’ होगा.

वेतन आयोग की रपट के अनुसार रेलवे पर सालाना वित्तीय असर लगभग 28,450 करोडरुपये का होगा. यह असर उस सामान्य वृद्धि के अलावा होगा जिसकी रेल बजट 2016-17 में व्यवस्था करनी होगी. रेलमंत्री ने कहा है,‘ हमारा शुरआती आकलन हालांकि यही है कि यह अतिरिक्त असर 10,861 करोडरुपये की सामान्य आकलित वृद्धि से लगभग 30,031 करोड रुपये अधिक होगा. ‘ प्रभु ने अपने पत्र में रेलवे द्वारा लागत में कटौती के लिए उठाए गए कदमों का भी ब्यौरा दिया है.

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel