नयी दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विधेयक में बदलावों को लेकर कांग्रेस के साथ बातचीत की पेशकश की है. हालांकि उन्होंने इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी को यह सलाह भी दी कि वह अपने सुझावों पर फिर से गौर करें क्योंकि इनमें कुछ से प्रणाली को ‘फायदे’ के बजाय नुकसान ज्यादा होगा. जेटली को अप्रत्यक्ष करों के क्षेत्र में प्रस्तावित इस नई प्रणाली को निर्धारित समय एक अप्रैल से अमल में लाने के लिये आगामी सत्र में जीएसटी विधेयक पर संसद की मंजूरी लेनी होगी.
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