[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business रिजर्व बैंक के लिये नीतिगत पहल करने का अनुकूल माहौल : जयंत सिन्हा

रिजर्व बैंक के लिये नीतिगत पहल करने का अनुकूल माहौल : जयंत सिन्हा

0
रिजर्व बैंक के लिये नीतिगत पहल करने का अनुकूल माहौल : जयंत सिन्हा

नयी दिल्ली : मुद्रास्फीति में गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत दर में कोई वृद्धि नहीं करने से रिजर्व बैंक के लिये मौद्रिक नीति संबंधी पहल के लिए अनुकूल माहौल बना है. यह बात आज वित्त मंत्रालय ने कही. फेडरल रिजर्व ने कल विश्वबैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रकोष के आह्वान विचार करते हुए नीतिगत ब्याज दर में बढोतरी न करने का फैसला किया. वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों के लिए आंकडों पर आधारित रवैया अख्तियार करते हैं.

उन्होंने यहां पीएएफआइ के एक समारोह में कहा ‘हम अनुकूल माहौल में हैं. स्पष्ट रूप से इन सभी के बीच संतुलन बिठाना होगा और आरबीआइ को फैसला लेना है.’ सिन्हा से पूछा गया था कि क्या रिजर्व बैंक अपनी आगामी 29 सितंबर को होने वाली मौद्रिक समीक्षा से पहले दर में कटौती कर सकता है? उन्होंने कहा, ‘हमें देखना है कि रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन और रिजर्व बैंक इन सभी बातों को किस प्रकार से लेते हैं और उस पर क्या निर्णय लेते हैं.’

रिजर्व बैंक इस कैलेंडर वर्ष में जनवरी के बाद से अब तक प्रमुख नीतिगत दर में 0.75 प्रतिशत की कटौती कर चुका है. इससे पहले अगस्त में हुई मौद्रिक समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दर को पूर्ववत रखा. उसके बाद से थोक मुद्रास्फीति के साथ-साथ खुदरा मुद्रास्फीति भी रिकार्ड निम्न स्तर पर पहुंच चुकीं हैं. वैश्विक बाजार में जिंसों के लगातार गिरते दाम से मुद्रास्फीति में गिरावट का रुख है.

सिन्हा ने कहा, ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था वर्तमान में दुनिया की दो बडी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संतुलन साधने में लगी है. एक तरफ दुनिया की दूसरी बडी अर्थव्यवस्था चीन में मंदी का दौर है तो दूसरी तरफ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में वृद्धि हो रही है.’ सिन्हा ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की इस साल की समाप्ति से पहले दो बार और बैठक होगी. पहली अक्तूबर में और दूसरी दिसंबर में. भारत को इस पर नजर रखनी होगी.

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel