[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business सिंगापुर में आर्थिक मंदी से भारतीयों व बांग्लादेशियों की नौकरी की आस अधूरी

सिंगापुर में आर्थिक मंदी से भारतीयों व बांग्लादेशियों की नौकरी की आस अधूरी

0
सिंगापुर में आर्थिक मंदी से भारतीयों व बांग्लादेशियों की नौकरी की आस अधूरी

सिंगापुर : सिंगापुर में निर्माण गतिविधियों में नरमी और विदेशी कामगारों की नियुक्ति को लेकर कडे नियमों के चलते भारत व बांग्लादेश में 10,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी की आस अधूरी रह गई है. ‘सिंगापुर डेली’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अग्रिम अनुमानों से पता चलता है कि निर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर पिछले साल घटकर तीन प्रतिशत रह गई जो 2013 के छह प्रतिशत की तुलना में आधी है.

विदेशी कामगारों पर कडे नियमों के कारण नये कामगारों के लिए रोजगार की संभावना भी घटी है जबकि कंपनियां अपने मौजूदा कामगारों को काम पर रखे हुए है और बेहतर विकल्प के लिए उनका कौशल बढा रही हैं. नये नियम के तहत विदेशी कामगारों की नियुक्ति पर कर लगाए जाने से भी इस पर असर पडा है. इस तरह के बदलावों की वजह से कई कामगार अपने-अपने देशों में बेकार पडे हैं और उनका कर्ज का बोझ भी बढता जा रहा है.

औसतन एक नये कामगार को यहां नौकरी पाने के लिए 7000 सिंगापुरी डॉलर (5,598 डॉलर) खर्च करना पडता है और इसमें से 2000 सिंगापुरी डॉलर भारत और बांग्लादेश में प्रशिक्षण केंद्रों पर खर्च होता है जहां सिंगापुर के बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन अथॉरिटी :बीसीए: योग्यता कार्यक्रम के तहत कौशल परीक्षण किया जाता है.

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel