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मेक इन इंडिया : भारतीय कंपनी ने दुनिया में पहली बार विशेष रडार प्रणाली विकसित की

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मेक इन इंडिया : भारतीय कंपनी ने दुनिया में पहली बार विशेष रडार प्रणाली विकसित की
नयी दिल्ली : एक भारतीय कंपनी ने दोहरे उपयोग वाली चार ऐसी अत्याधुनिक रडार प्रणाली स्वदेश में विकसित करने का आज दावा किया जो घरेलू रक्षा उद्योग के लिए अपनेआप में पहला मामला है.
इन रडार प्रणालियों को बेंगलूरु में आयोजित आगामी एयरो इंडिया एयर शो में वैश्विक रुप से पेश किया जाएगा. इस कंपनी के संस्थापक अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजय भंडारी ने यहां कहा कि ओआईएस एडवांस टेक्नोलोजी के पास इन चार रडारों के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार हैं. उन्होंने कहा कि हम आधुनिक रडार प्रणाली को वैश्विक बाजार में पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इससे मेक इन इंडिया के विजन का विस्तार होगा.
कंपनी ने कहा कि, थ्री बर्ड डिटेक्शन, ट्रैकिंग एंड मानिटरिंग एंड डिटरेंस रडार सिस्टम दुनिया में इस तरह की पहली रडार प्रणाली है.
भंडारी ने कहा कि उड़ रही चीजों का पता लगाने वाले रडार पहले से मौजूद हैं लेकिन उनमें निवारण (डिटरेंस) क्षमता नहीं होती है.
उन्होंने कहा कि हमारी प्रोद्यौगिकी में ध्वनि और आंखों के लिए सुरक्षित लेजर का इस्तेमाल किया जाता है. दोनों का स्वत: आधार पर रडार प्रणाली द्वारा नियंत्रण किया जाता है. कंपनी ने पहले ही ऐसे रडारों के लिए भारतीय वायुसेना की जरुरतों के मद्देनजर बोली प्रक्रिया में भाग लिया है.

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