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पानी की बूंदें ताकतवर महासागर बनाती हैं, जानें निवेश पर एक्सपर्ट व्यू

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पानी की बूंदें ताकतवर महासागर बनाती हैं, जानें निवेश पर एक्सपर्ट व्यू
निमेश शाह, एमडी और सीइओ, आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल एएमसी
वर्तमान में मार्केट के उथल-पुथल से कुछ निवेशकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या मुझे एसआइपी जारी रखनी चाहिए? क्या मैं एसआइपी को तब तक रोक दूं, जब तक कि बाजार तेजी में न आ जाये?
इन उलझनों को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है कि एसआइपी की गणना को ध्यान से देखें. एक स्वतंत्र म्यूचुअल फंड रिसर्च हाउस, वैल्यू रिसर्च (वीआर) ने 1992 से 2017 तक के रिटर्न के आधार पर विविध इक्विटी फंडों के एसआइपी प्रदर्शन का जायजा लिया. इस अवधि के दौरान दो प्रमुख मंदी के दौर आये थे.
2001 (डॉट कॉम बबल) और 2008 (वैश्विक वित्तीय संकट), और 1999-2000, 2004-2007 और 2014-2016 में कई बार तेजी बाजारों में देखा गया. इस विश्लेषण ने एसआइपी निवेश के बारे में दिलचस्प टिप्पणियां की हैं. एक वित्तीय सलाहकार इन पहलुओं को विस्तार से बता सकते हैं.
बाजार की सभी अवस्थाओं में रहें निवेशित
बाजार में समय देना, बाजार को समय करने से अधिक महत्वपूर्ण है. उन निवेशकों के लिए जो चिंता करते हैं कि क्या उन्होंने मार्केट टॉप पर निवेश किया है, तो यह याद रखें कि यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो चिंता की बात नहीं है.
वीआर के निष्कर्ष बताते हैं कि जिन निवेशकों ने दो साल के लिए 2007 के अंत में बाजार के टॉप पर एसआइपी निवेश की शुरुआत की, उनके एसआइपी का मूल्य 60% तक टूट गया था. लेकिन जो निवेशक 2011 तक बने रहे, उनमें 99% निवेशकों ने अपने निवेश पर कमाई की. यह स्पष्ट है कि अगर लंबी अवधि के लिए निवेश किया जाता है, तो बाजार की अस्थिरता मायने नहीं रखती.
निवेश करें, लेकिन मार्गदर्शन के साथ
एक निवेशक के रूप में, अपने लक्ष्यों के अनुसार स्कीम चुनना सबसे महत्वपूर्ण है. इसलिए, यदि कोई निवेशक विभिन्न फंडों से वाकिफ नहीं है, तो सलाह लेना अच्छा है. बराबर अंतराल पर निवेश की समीक्षा करना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक अच्छी योजना आपके पूरे पोर्टफोलियो में बेहतर रिटर्न बनाने में सक्षम होती है.
निष्कर्ष के तौर पर कह सकते हैं कि लंबी अवधि में एसआइपी से निवेश करने का सरल कार्य चमत्कार कर सकता है. पानी की छोटी बूंदें ताकतवर महासागर बनाती हैं, इसी तरह एसआइपी द्वारा लंबी अवधि में बड़ी दौलत बनायी जा सकती है. वास्तव में आप पावर ऑफ कंपाउंडिंग का लाभ उठाते हैं, जब आप अनुशासित निवेशक हैं.
धैर्य का फल मीठा
बाजार विशेषज्ञ और सलाहकार लंबी अवधि का निवेश और उस दौरान धैर्य रखने का गुण बताते हैं. वीआर ने अपने रिसर्च में पाया कि 10 साल में विविध इक्विटी फंडों में एसआइपी में केवल 0.3% मामलों में नकारात्मक रिटर्न मिला है. साथ ही अगर कोई चार से अधिक वर्षों के लिए निवेशित है, तो कम से कम 90% सकारात्मक रिटर्न की संभावना होती है. एक दशक तक जारी निवेश में घाटे की संभावना शून्य के करीब है.
संभव है दो अंकों का रिटर्न
हर निवेशक का सपना होता है कि डबल डिजिट में रिटर्न मिले, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव होते रहता है. जो लोग यह रिटर्न चाहते हैं, वे लंबी अवधि का निवेश करें. वीआर ने भी अपने विश्लेषण में यही पाया है.
उन्होंने पाया कि अगर एसआइपी चार साल या अधिक समय तक जारी है, तो कम से कम दोहरे अंक का रिटर्न बनाने की संभावना 62% है. अगर निवेश 10 साल का हो, तो निवेशक के पास 10% से अधिक लाभ कमाने की संभावना 77% हो जाता है. सामान्यत: एसआइपी में निवेशक को 15-19% की प्राप्ति हो सकती है.

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

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