[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business RBI ने बैंकों को दी राहत, लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए एसएलआर नियमों को बनाये सरल

RBI ने बैंकों को दी राहत, लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए एसएलआर नियमों को बनाये सरल

0
RBI ने बैंकों को दी राहत, लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए एसएलआर नियमों को बनाये सरल

मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को बैंकों को सांविधिक नकदी अनुपात (एसएलआर) में और राहत प्रदान की, ताकि देश के मुद्रा बाजारों के सामने खड़े तरलता संकट को कुछ हद तक कम किया जा सके. रिजर्व बैंक ने बयान में कहा कि बैंक अपनी तरलता जरूरतों को पूरा करने के लिए एसएलआर में रखी अपनी जमाओं में से 15 फीसदी तक निकाल सकते हैं, जिससे वे तरलता कवरेज अनुपात (एलसीआर) को पूरा कर सकें. अभी यह 13 फीसदी है.

इसे भी पढ़ें : रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक शुरू, रेपो रेट में हो सकती है बढ़ोतरी

आरबीआई के बयान में कहा गया है कि बैंकों को अपना तरलता कवरेज अनुपात (एलसीआर) कायम रखने के लिए उनकी जमा से 13 फीसदी तक नकदी निकालने की सुविधा होगी. अभी यह 11 फीसदी है. आरबीआई ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों को ऋण देने को लेकर बैंकों की चिंताएं बढ़ रही हैं और तरलता के कड़े हालात को लेकर चिंता का माहौल है.

आरबीआई ने कहा कि व्यवस्था में टिकाऊ तरलता जरूरतों को पूरा करने के वह तैयार है और विभिन्न उपलब्ध विकल्पों के माध्यम से वह इसे सुनिश्चित करेगा. यह उसके बाजार हालातों और तरलता का लगातार आकलन करने पर निर्भर करेगा. पिछले कुछ दिनों में सक्रियता से उठाये गये कदमों के बारे में आरबीआई ने कहा कि 19 सितंबर को उसने खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियों का लेन-देन (ओएमओ) किया था. साथ ही तरलता समायोजन सुविधा (एलएएफ) के सामान्य प्रावधान के अतिरिक्त रेपो के माध्यम से अतिरिक्त तौर पर तरलता के लिए उदार तरीके से जान फूंकने की कोशिश की थी.

आरबीआई ने कहा कि खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-फरोख्त दोबारा से बृहस्पतिवार को की जा सकती है, ताकि व्यवस्था में पर्याप्त तरलता को सुनिश्चित किया जा सके. केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि 26 सितंबर को रेपो के माध्यम से बैंकों ने रिजर्व बैंक से 1.88 लाख करोड़ रुपये की सुविधा प्राप्त की. नतीजतन, व्यवस्था में पर्याप्त से अधिक तरलता मौजूद है. रिजर्व बैंक ने घोषणा की सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) में जरूरी राहत एक अक्टूबर, 2018 से प्रभावी होगी. आईएलएंडएफएस समूह कंपनी की चूक के बाद तरलता के संकट संबंधी चिंताएं जाहिर की जाने लगी थीं.

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel