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Home Business PMI : जुलाई महीने में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर में नरमी

PMI : जुलाई महीने में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर में नरमी

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PMI : जुलाई महीने में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर में नरमी

नयी दिल्ली : उत्पादन, नये ऑर्डर तथा रोजगार में वृद्धि दर के हल्का होने से जुलाई महीने में देश के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी एक माह पहले की तुलना कुछ कम हुई. एक मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी है. निक्की इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जुलाई में 52.3 रहा है. इससे पहले जून में यह 53.1 रहा था. यह लगातार 12वां महीना है, जब विनिर्माण पीएमआई 50 से ऊपर रहा है.

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सूचकांक के 50 से ऊपर रहने का मतलब होता है कि क्षेत्र में कारोबार का विस्तार हो रहा है, जबकि 50 से नीचे का सूचकांक क्षेत्र में संकुचन का संकेत देता है. आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री और रिपोर्ट की लेखिका आश्ना डोढिया ने कहा कि भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की परिस्थितियों में आये हालिया सुधार की गति उत्पादन, नये ठेकों तथा रोजगार में धीमी सुधार के कारण जुलाई में कुछ कम हुई है. सुधार की गति पिछले महीने की तुलना में कम होने के बाद भी यह दूसरी सबसे तेज गति है.

डोढिया ने कहा कि हम यह बात नहीं भूल सकते हैं कि क्षेत्र विस्तार के पथ पर अग्रसर है और उत्पादन एवं नया कारोबार बढ़ा है. हालांकि, जुलाई के सर्वेक्षण के आंकड़ों से पता चलता है कि घरेलू और विदेशी दोनों स्रोतों से मांग मजबूत रही है. आलोच्य महीने के दौरान लगातार नौंवे महीने घरेलू तथा निर्यात मांग बढ़ी है. इस दौरान कारोबारी धारणा तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गयी. हालांकि, यह ऐतिहासिक औसत से नीचे ही रहा है.

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