[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business Bad Loan से निपटने के लिए Bad Bank के गठन का रास्ता साफ, मेहता समिति ने सौंपी सरकार को रिपोर्ट

Bad Loan से निपटने के लिए Bad Bank के गठन का रास्ता साफ, मेहता समिति ने सौंपी सरकार को रिपोर्ट

0
Bad Loan से निपटने के लिए Bad Bank के गठन का रास्ता साफ, मेहता समिति ने सौंपी सरकार को रिपोर्ट

मुंबई : देश के सरकारी और निजी बैंकों में बढ़ती गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की समस्या से निपटने के लिए अब बैड बैंक के गठन का रास्ता साफ हो गया है. सुनील मेहता समिति ने बैड बैंक के लिए सरकार की योजना का समर्थन किया है जिसमें, डूबे कर्ज की समस्या से निपटने के लिए संपत्ति प्रबंधन कंपनी-संपत्ति पुनर्गठन कंपनी के गठन का प्रस्ताव किया है. इस समिति ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है.

इसे भी पढ़ें : बैंकों पर फंसे कर्ज का बढ़ता बाेझ क्या निजीकरण ही है उपाय!

सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में समिति ने सुझाव दिया है कि प्रस्तावित बैड बैंक में बाहर के विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाए, जिससे दबाव वाली संपत्तियों की समस्या से निपटा जा सके. प्रणाली में दबाव वाली संपत्तियां 11.6 फीसदी पर पहुंच गयी हैं, जो मार्च, 2019 तक 12.2 फीसदी पहुंच सकती हैं. समिति ने सुझाव दिया है कि बजाय प्रतिभूति प्राप्तियां जारी करने के नकद मार्ग पर अधिक निर्भर रहा जाना चाहिए.

समिति के सदस्यों में एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार और बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रमुख बीएस जयकुमार भी शामिल हैं. समिति का सुझाव है कि बैड बैंक का वित्तपोषण बैंकों और विदेशी निवेशकों द्वारा किया जाना चाहिए. इसके लिए सार्वजनिक धन या विदेशी मुद्रा भंडार के एक हिस्से का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जैसा कि कुछ हलकों से सुझाव आया है.

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आठ जून को पंजाब नेशनल बैंक के गैर कार्यकारी चेयरमैन सुनील मेहता की अगुवाई में समिति की घोषणा की थी. समिति को अपनी रिपोर्ट देने के लिए एक पखवाड़े का समय दिया गया था. समिति को डूबे कर्ज की समस्या से निपटान को एआरसी-एएमसी के गठन पर व्यवहार्यता पर रिपोर्ट देनी थी.

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel