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Home बिहार चुनाव Bihar MLA Security: पहली बार जीते विधायकों को एप्लीकेशन देते ही मिलेंगे 3 बॉडीगार्ड, हारने वालों के दो हटेंगे, स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट तैयार

Bihar MLA Security: पहली बार जीते विधायकों को एप्लीकेशन देते ही मिलेंगे 3 बॉडीगार्ड, हारने वालों के दो हटेंगे, स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट तैयार

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Bihar MLA Security: पहली बार जीते विधायकों को एप्लीकेशन देते ही मिलेंगे 3 बॉडीगार्ड, हारने वालों के दो हटेंगे, स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट तैयार
सांकेतिक फोटो

Bihar MLA Security: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में चुने गए विधायक को जिला पुलिस कार्यालय में आवेदन देते ही तीन बॉडीगार्ड उपलब्ध करा दिये जायेंगे. इसके साथ ही हारे हुए विधायक – मंत्रियों को प्रोटोकाल के तहत मिली अतिरिक्त सुरक्षा वापस लेने के लिए भी समीक्षा की जा रही है. 132 विधायक चुनाव हार गये हैं. इनमें मंत्री सुमित कुमार भी हैं. नियम के मुताबिक हारे हुए विधायकों की सुरक्षा में केवल एक- एक गार्ड रहेगा. बाकी सुरक्षाकर्मी वापस करने होंगे. यदि किसी को खतरा है, तो एसएसपी कार्यालय में आवेदन देना होगा. एसएसपी नये सिरे से सुरक्षा पर विचार कर कर निर्णय लेंगे.

राज्य सरकार सुरक्षा देती है

पुलिस के मुताबिक यह एक रूटीन प्रक्रिया है. चुनाव होने के बाद नये विधायकों की सुरक्षा व्यवस्था होती है. इसी लिहाज से स्पेशल ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित जिलों के एसपी को अवगत करा दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था किसी थ्रेट इनपुट के आधार पर नहीं की गयी है. यह एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है.

राज्य सरकार द्वारा विधायकों को सुरक्षा गार्ड प्रदान किये जाते हैं, जिनकी संख्या उनकी खतरे की स्थिति के आधार पर तय की जाती है. विधायकों की सुरक्षा का मतलब है उनकी जान-माल और संपत्ति की रक्षा के लिए किये गये उपाय शामिल होते हैं. इसमें सुरक्षा गार्ड व शारीरिक सुरक्षा शामिल हैं.

सिक्योरिटी केटेगरी के मानक

एक्स केटेगरी: 2 जवान, कोई कमांडो नहीं
वाइ केटेगरी: 8 जवान, दो कमांडो
वाइ प्लस केटेगरी: 11 कर्मी, चार कमांडो
जेड केटेगरी: 22 कर्मी, 6 कमांडो

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वीआइपी सुरक्षा में बिहार पुलिस के 20 फीसदी जवान

सरकारी बॉडीगार्ड पाने वाले सबसे ज़्यादा वीआइपी बिहार में हैं. देश के अनुपात में इनकी संख्या 20 फीसदी है. बिहार पुलिस का 20 फीसदी जवान इन्हीं की सुरक्षा में लगा हुआ है. 1 अगस्त 2025 को राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समेत छह नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गयी थी.

सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव को उन्नत सुरक्षा संपर्क (एएसएल) के साथ जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गयी थी. सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और प्रदीप कुमार सिंह, बाढ़ से विधायक रहे ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ज्ञानू और एमएलसी नीरज कुमार को वाइ प्लस सुरक्षा प्रदान की गयी थी.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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