[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार चुनाव बिहार चुनाव में घोड़ों को भी मिल रहा रोजगार, यहां के घोड़े बने नेताओं की पहली पसंद

बिहार चुनाव में घोड़ों को भी मिल रहा रोजगार, यहां के घोड़े बने नेताओं की पहली पसंद

0
बिहार चुनाव में घोड़ों को भी मिल रहा रोजगार, यहां के घोड़े बने नेताओं की पहली पसंद
सांकेतिक तस्वीर

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में अब घोड़ों को भी रोजगार मिल रहा है. इस बार बिहार के चुनावी माहौल ने घोड़ा मालिकों की किस्मत चमका दी है. दरअसल, भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड के गोसाईदासपुर गांव में करीब सौ घोड़े हैं. इन दिनों यहां के घोड़ा मालिक खूब व्यस्त चल रहे हैं.

रैली, जुलूस और प्रचार के लिए बढ़ी मांग

मिली जानकारी के अनुसार, नेता और कार्यकर्ता सीधे गांव में जाकर चुनावी रैली व चुनाव प्रचार के लिए घोड़े बुक कर रहे हैं. वैसे तो इस मौसम में आमतौर पर बुकिंग नहीं होती है लेकिन चुनाव की वजह से लगातार आर्डर मिल रहे हैं. रैली, जुलूस और प्रचार के लिए इन दिनों घोड़ों की मांग खूब बढ़ गई है.

कितना है किराया

बता दें कि एक घोड़े का एक दिन का किराया दो हजार रुपये निर्धारित है. किसी राजनीतिक पार्टी को 4 घोड़े चाहिए तो किसी को 6 घोड़े. एक तरफ तो अभी चुनाव का समय है साथ ही काली प्रतिमा विसर्जन में भी हमारा काम चलेगी. यानी अभी एक महीने से जयादा समय तक उनके पास रोजगार है. ये घोड़ा मालिक किसी पार्टी विशेष के लिए नहीं है. जो भी राजनीतिक दल उन्हें बुक करती है वहां वे चले जाते हैं. इस दौरान केवल घोड़े के गले में पार्टी का झंडा बदलना होता है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

टोटो पर चिपकाया जा रहा लोगो

बिहार विधानसभा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने व मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह और नगर आयुक्त शुभम कुमार द्वारा कोयला डिपो स्थित टेंपो स्टैंड में टोटो पर लोगो चिपकाने के अभियान को शुरू किया है. इसके माध्यम से टोटो पर सफर करने वाले मतदाताओं को यह जानकारी दी जा रही है कि 11 नवंबर 2025 को मतदान करना है.

इसे भी पढ़ें: बिहार में इन 1 करोड़ लोगों को जल्द करना होगा ये काम, वरना सरकारी पेंशन योजना का पैसा बंद

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel